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Haryana coldest night : हरियाणा में सबसे ठंडी रही सोनीपत की रात, 4.3 रहा न्यूनतम तापमान

Haryana coldest night

Haryana coldest night

  • दिन में निकली करारी धूप, शाम को फिर कम हुआ तापमान
  • सुबह और शाम को भारी ठंड और दोपहर को गर्मी से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर
  • सर्दी ने लोगों को तीखे तेवरों का अहसास करवाया

सोनीपत। सोनीपत जिले में मौसम के मिजाज में लगातार आ रहे बदलाव के बीच कड़ाके की ठंड ने दस्तक दे दी है। बुधवार की रात जिलेवासियों के लिए इस सीजन की सबसे ठंडी रात साबित हुई। बर्फीली हवाओं के कारण तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा। हालांकि वीरवार की सुबह आसमान साफ होने और सुनहरी धूप खिलने से लोगों को कड़ाके की ठंड से थोड़ी राहत अवश्य मिली।

Haryana coldest night

मौसम विभाग ने चौकाया

मौसम विभाग के आंकड़ों ने इस बार सबको चौंका दिया है। सोनीपत जिले का सरगथल केंद्र पूरे प्रदेश में सबसे ठंडा स्थान दर्ज किया गया। यहां न्यूनतम तापमान गिरकर 4.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो कि हरियाणा के अन्य जिलों की तुलना में सबसे कम रहा। कड़ाके की ठंड का असर केवल ग्रामीण इलाकों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी इसका व्यापक प्रभाव देखा गया। जिले के दूसरे प्रमुख केंद्र जगदीशपुर में भी न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। तापमान में आई इस अचानक गिरावट ने सर्दी के तीखे तेवरों का अहसास करा दिया है।

हवाओं में बनी रही ठिठुरन

वीरवार सुबह की शुरुआत कोहरे और ठंड के साथ हुई थी, लेकिन दिन चढ़ने के साथ ही सूर्य देव के दर्शन हुए। खिली धूप ने हाड़ कंपाने वाली ठंड से जूझ रहे लोगों को काफी सुकून पहुँचाया। दिन भर लोग छतों और पार्कों में धूप का आनंद लेते नजर आए। वीरवार को जिले का अधिकतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार दिन में करीब 3 किलोमीटर प्रतिघंटा की धीमी गति से हवाएं चलती रहीं, जिसके कारण धूप होने के बावजूद हवा में हल्की ठिठुरन बनी रही। मौसम का यह उतार-चढ़ाव आने वाले दिनों में भी जारी रहने की संभावना जताई जा रही है।

आबोहवा जहरीली : 277 पर एक्यूआई

ठंड के साथ-साथ सोनीपत की वायु गुणवत्ता ने भी प्रशासन और आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। वीरवार को जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स यानी एक्यूआई खराब श्रेणी में दर्ज किया गया। हवा की गुणवत्ता का स्तर 277 तक पहुँच गया, जो स्वास्थ्य के लिहाज से काफी हानिकारक माना जाता है। वातावरण में मौजूद प्रदूषित कणों और हवा की धीमी गति के कारण स्मॉग की चादर छाई रही। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने विशेष रूप से बुजुर्गों और सांस के मरीजों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। खराब वायु गुणवत्ता के कारण सुबह और शाम की सैर करने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

खेती और जनजीवन पर प्रभाव

न्यूनतम तापमान में आई इस गिरावट को कृषि विशेषज्ञों ने रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं के लिए लाभदायक बताया है। ठंड बढ़ने से गेहूं की फसल में फुटाव अच्छा होता है, जिससे पैदावार बढ़ने की उम्मीद रहती है। हालांकि, रात के समय बढ़ती ठंड ने बेघर और खुले आसमान के नीचे रहने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर के बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के पास रैन बसेरों में लोगों की संख्या बढ़ने लगी है।

आने वाले दिनों का अनुमान

मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले 48 घंटों में तापमान में और भी गिरावट आ सकती है। उत्तर भारत के पहाड़ी इलाकों में हो रही बर्फबारी का सीधा असर मैदानी क्षेत्रों पर पड़ रहा है। यदि हवा की गति इसी प्रकार धीमी बनी रही, तो प्रदूषण का स्तर और अधिक बिगड़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे ठंड से बचाव के उचित प्रबंध करें और रात के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचें। कृषि विज्ञान केंद्र जगदीशपुर के वैज्ञानिक डॉ. प्रेमदीप के अनुसार शीतलहर चलने का अनुमान है।

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