Death of Parrots
- -मौत बर्ड फ्लू से नहीं, बल्कि ‘फूड पॉइजनिंग से हुई
- -विसरा जांच के लिए भोपाल और जबलपुर लैब भेजा
- -विसरा रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण साफ होगा
खरगोन। जिला मुख्यालय से करीब 80 किमी दूर बड़वाह में नर्मदा नदी पर बने एक्वाडक्ट पुल के पास पिछले तीन दिनों में करीब 150 तोतों की मौत हो गई। तोतों की मौत के बाद शवों के पोस्टमार्टम के बाद पशु चिकित्सकों ने स्पष्ट किया है कि इनकी मौत बर्ड फ्लू से नहीं, बल्कि ‘फूड पॉइजनिंग’ (विषाक्त भोजन) और गलत खान-पान के कारण हुई है। प्रशासनिक अमला जांच के लिए पहुंचा है। पशु चिकित्सा विभाग की टीम ने विसरा जांच के लिए भोपाल और जबलपुर लैब भेजा है। पिछले 72 घंटों में पुल के पास करीब 150 तोते मृत मिले हैं, जो बेहद चिंताजनक है।
कुछ तोते जिंदा भी मिले थे
रेस्क्यू के दौरान कुछ तोते जिंदा भी मिले थे, लेकिन फूड पॉइजनिंग का असर इतना गहरा था कि कुछ ही देर में उन्होंने भी दम तोड़ दिया। कलेक्टर भव्या मित्तल के निर्देश के बाद पशु चिकित्सा विभाग के उपसंचालक जीएस सोलंकी नर्मदा नदी के पास बने एक्वाडक्ट पुल पहुंचे और घटनास्थल का मुआयना किया। इस दौरान उन्होंने एक पेड़ पर दो तोते मृत अवस्था में भी देखे। संचालक ने वन विभाग के एसडीओ से मोबाइल पर चर्चा की है।
यह बोले अधिकारी
सोलंकी ने कहा कि तोतों की मौत को लेकर विसरा जांच के लिए भोपाल और जबलपुर लैब भेजा है। विसरा रिपोर्ट आने के बाद मौत का कारण साफ होगा। जांच में पाया गया है कि पशु प्रेमी चावल, मिक्चर वगैरह तोतों को खिलाते हैं, इसी से तोते फूड पॉइजनिंग के शिकार हुए हैं।
