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Death of AIIMS professor : आत्महत्या का प्रयास करने वाली एम्स की प्रो. रश्मि वर्मा की 25 दिन बाद हुई मौत

Byadmin

Jan 6, 2026

Death of AIIMS professor

  • एनेस्थीसिया का हाई डोज लेने के बाद वेंटिलेटर पर थीं
  • एम्स प्रशासन की आंतरिक जांच कमेटी की रिपोर्ट में तनाव या शोषण का कोई उदाहरण सामने नहीं आया

भोपाल। भोपाल एम्स के इमरजेंसी एवं ट्रॉमा विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रश्मि वर्मा की 25 दिन बाद सोमवार को मौत हो गई। विशेषज्ञों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा था। 11 दिसंबर 2025 को आत्महत्या का प्रयास करने के बाद से वे एम्स के आईसीयू में वेंटिलेटर सपोर्ट पर थीं। उनके पति डॉ. मनमोहन शाक्य (आॅथोर्पेडिक विशेषज्ञ) ने उन्हें एम्स में गंभीर हालत में भर्ती कराया था। 5 जनवरी की सुबह करीब 11 बजे डॉ. रश्मि वर्मा ने अंतिम सांस ली। उनका शव परिजनों को सौंप दिया गया। मंगलवार को रश्मि के परिजनों द्वारा शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा। डॉ. रश्मि 11 दिसंबर को ड्यूटी पर आई थीं, यहां करीब एक घंटा रुकने के बाद वह वापस अपने घर पहुंची और सुबह 11 बजे के आसपास एनेस्थीसिया के ओवरडोज का इंजेक्शन खुद को लगा लिया था।

आंतरिक जांच कमेटी का गठन किया था

इस मामले को लेकर एम्स प्रशासन ने एक आंतरिक जांच कमेटी का गठन किया था। जिसमें यह पता लगाना था कि क्या एम्स में काम के दौरान डॉ. रश्मि को किसी प्रकार के तनाव या शोषण का सामना करना पड़ता था। क्या उनके एचओडी उन पर किसी प्रकार का अत्याचार कर रहे थे, या अपने विभाग में अपने सीनियर के साथ काम को लेकर वह असहज थी। आंतरिक जांच कमेटी ने अपनी रिपोर्ट एक सप्ताह में जमा कर दी है। इस रिपोर्ट में उक्त किसी भी तरह की स्थिति की पुष्टि नहीं हुई है। हालांिक, कहा जा रहा था कि विभाग के एचओडी डॉ. मो. यूनुस ने छुट्टी लेकर कॉन्फ्रेंस में जाने पर सीरियस मिसकंडक्ट (गंभीर अनुशासनहीनता) का नोटिस दिया था। इस नोटिस की वजह से डॉ. राश्मि मानसिक रूप से परेशान थी। इसके बाद मामले के तीसरे दिन एम्स प्रबंधन ने ट्रॉमा और इमरजेंसी मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. मोसमट यूनुस को पद से हटा दिया था।

एनेस्थीसिया ने पहुंचाया था ब्रेन को नुकसान

डॉ. रश्मि की मौत दिमाग में आॅक्सीजन न पहुंचने के कारण होना बताई जा रही है। डॉक्टर्स के अनुसार जब डॉ. रश्मि ने एनेस्थीसिया का ओवर डोज लिया तो उसी समय उनका ब्रेन अचेत हो गया, लगभग दस मिनट को ब्रेन को आॅक्सीजन सप्लाई बंद हो गई, जिससे डॉ. रश्मि अचेत अवस्था में चली गईं और यहां से उनकी वापसी नहीं हो सकी। धीरे धीरे शरीर के अन्य अंगों ने भी काम करना बंद दिया। एमएलसी रिपोर्ट में रश्मि के चेहरे पर हल्की चोट के निशान का उल्लेख किया गया है। यह चोट किसी चांटे या चेहरे को जोर से पकड़े की तरफ इशारा करती है।

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