• Sun. Mar 8th, 2026

Haryana , करियर और मनोरंजन की ख़बरें - Vartahr

हरियाणा, देश विदेश, करियर, खेल, बाजार और मनोरंजन की ख़बरें

Court : एमपी के मंत्री शाह पर एफआईआर की भाषा से हाईकोर्ट सख्त नाराज

Court

  •  कहा, अब पुलिस की जांच हमारी निगरानी में होगी
  •  कर्नल शोफिया पर आपत्तिजनक बयान दिया था शाह ने
    – हाईकोर्ट की डबल बेंच ने एफआईआर सिर्फ खानापूर्ति बताया
    – अब इस मामले की सुनवाई छुट्टियों के बाद होगी
    – सुप्रीम कोर्ट ने भी शाह की याचिका पर सुनवाई से किया इनकार

Court : नई दिल्ली। कर्नल सोफिया कुरैशी के खिलाफ मध्य प्रदेश के मंत्री के विवादित बयान पर दर्ज एफआईआर की भाषा पर हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट की डबल बेंच ने गुरुवार को मंत्री विजय शाह के खिलाफ एफआईआर को सिर्फ खानापूर्ति बताया। हाईकोर्ट ने कहा कि अब पुलिस जांच की निगरानी कोर्ट करेगा। जांच किसी दबाव में प्रभावित न हो इसलिए ऐसा करना जरूरी है। हाईकोर्ट इस मामले में छुटि्टयों के बाद फिर सुनवाई करेगा। वहीं, सुप्रीम कोर्ट ने भी मंत्री विजय शाह की याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने पूछा कि आप हाईकोर्ट क्यों नहीं गए। आप किस तरह के बयान दे रहे हैं? ⁠देखना चाहिए कि कैसे हालात हैं? ⁠आप जिम्मेदार पद पर हैं, जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

हाईकोर्ट की टिप्पणी और राज्य सरकार की दलील

मध्य प्रदेश सरकार : महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कोर्ट को बताया कि कोर्ट के आदेश पर बुधवार शाम 7:55 बजे इंदौर के मानपुर थाने में विजय शाह के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई। जांच पुलिस कर रही है।

-हाईकोर्ट : जस्टिस अतुल श्रीधरन ने कहा कि यह किसी हत्या की जांच नहीं है, बल्कि एक आपत्तिजनक भाषण से जुड़ा मामला है। ऐसे में इसमें लंबी जांच की आवश्यकता नहीं है।

सुप्रीम कोर्ट ने भी मंत्री को लगाई फटकार

सुप्रीम कोर्ट ने कर्नल सोफिया कुरैशी के संबंध में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए मध्य प्रदेश के मंत्री विजय शाह को फटकार लगाते हुए कहा कि जब देश में ऐसे हालात हैं उस वक्त किसी मंत्री के मुख से निकला एक-एक शब्द जिम्मेदारी भरा होना चाहिए। प्रधान न्यायाधीश बी आर गवई ने शाह के वकील से कहा, ‘आप (याचिकाकर्ता) किस तरह के बयान दे रहे हैं? आप सरकार के एक जिम्मेदार मंत्री हैं।’ पीठ में न्यायमूर्ति ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह भी शामिल हैं। यह पीठ शुक्रवार को शाह की उस याचिका पर सुनवाई करेगी, जिसमें मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के 14 मई के आदेश को चुनौती दी गई है। उच्च न्यायालय ने शाह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने का निर्देश दिया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *