Bhiwani News
- कंकरीट का बनेगा बेड, रुकेगी पानी सीपेज
- रोहतक के 2, 000 से अधिक किसानों को मिलेगी राहत
- बीएसबी और इससे निकलने वाली नहरें और माइनर एक लाख एकड़ में करते सिंचाई
- राेहतक, जींद, सोनीपत, भिवानी और चरखी-दादरी के लाखों लोगों को फायदा
रोहतक। सिंचाई विभाग भिवानी सब ब्रांच नहर को 45 साल बाद दोबारा पक्की करने जा रहा है। यह कार्य करीब एक साल में पूरा होगा। इसके पूरा होने पर रोहतक के करीब 7 गांवों के 2000 से अधिक किसानों को सीपेज की समस्या से हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी, क्योंकि सिंचाई विभाग जवाहरलाल नेहरू फीडर की तर्ज पर भिवानी सब ब्रांच का बेड भी कंकरीट,सीमेंट-लोहे से पक्का करेगा। ऐसा होने पर नहर के पानी का जमीन में रिसाव रुक जाएगा। ध्यान रहे कि भिवानी सब ब्रांच और इससे निकलने वाली दूसरी नहरें और माइनरों से तकरीबन एक लाख एकड़ भमि की सिंचाई होती है। इस नहर के बनने से राेहतक, जींद, सोनीपत, भिवानी और चरखी-दादरी के हजारों लोगों को फायदा होगा और उनकी पानी की जरूरतें पूरी होंगी।
इन गांवों के किसानों को राहत
रोहतक के मदीना, अजायब, खरकड़ा, गिरावड़, बैंसी, लाखनमाजरा, नांदल, जींद जिले के पौली व हथवाला, सोनीपत के रिढाणा और धनाना गांव के जिन किसानों के खेत भिवानी सब ब्रांच (बीएसबी) के साथ दोनों और हैं, उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। बताया जा रहा है कि इन गांवों के 2000 से अधिक किसान सीपेज की हजारों एकड़ जमीन काफी सालों से सीपेज की समस्या से जूझ रहे हैं।
आज खुलेंगे टेंडर
रिढाणा हेड से लेकर खरकड़ा हेड तक नहर की लंबाई 35 किलोमीटर है। इस पर सरकार 70 करोड़ रुपये खर्च करेगी। काम किस फर्म को अलाॅट होगा। इसके लिए 8 जनवरी गुरुवार को निविदाएं खोली जाएंगी। काम अलॉट करने में तकरीबन एक महीने का समय लगेगा। काम अलॉट होने के एक साल में प्राेजेक्ट को पूरा करना होगा। बताया जा रहा है कि वर्ष 1980 के आसपास को नहर को पहली बार पक्का किया गया था। अब इसके दोनों किनारे क्षतिग्रस्त हो चुके हैं। जिससे नहर टूटने का खतरा बना रहता है। बताया जा रहा है कि वर्ष 1905 में अंग्रेजी शासनकाल में नहर का निर्माण करवाया गया था।
84 क्यूसिक बढ़ेगी क्षमता
इस समय नहरी पानी की क्षमता 1150 क्यूसिक है। जब दोबारा से पक्की हो जाएगी तो कैपसिटी 1234 क्यूसिक हो जाएगी। इसका फायदा भिवानी और चरखीदादरी के किसानों को होगा। क्योंकि क्षमता बढ़ने भिवानी और चरखीदादरी के टेल के किसानाें को उनके हक के मताबिक नहरी उपलब्ध होगा।
दिक्कत भी होगी
जिले में नहरों और बड़ी माइनरों के साथ लगती जमीन में पानी खेती के लायक है। इसलिए किसानों ने नहरों के साथ बिजली पंपसेट लगाए और जमीनी पाइप लाइनों से पानी को दूसरे खेतों में कई-कई किलाेमीटर दूर तक सिंचाई के लिए ले गए, लेकिन अब जब भिवानी सब ब्रांच का बेड लोहे और सीमेंट से पक्का कर दिया जाएगा तो पानी की जमीन में सीपेज पूरी तरह से बंद हो जाएगी। जिससे ट्यूबवेलों का पानी धीरे-धीरे कम होगा और मीठा पानी खत्म होने की आशंका गहरा जाएगी। ध्यान रहे कि सीपेज के पानी के आधार पर ही किसानों ने नहरों के साथ ट्यूबवेल लगाए हुए हैं। साल 2023 में सिंचाई विभाग ने जवाहरलाल फीडर को दोबारा से पक्का करते हुए उसके बेड को कंकरीट से पक्का कर दिया गया। विभाग का दावा है कि अब पानी की सीपेज बंद हो गई है और फीडर के साथ लगती जमीन का भूूजल स्तर कम होने लगा है।
एक साल में पूरा होगा काम
नहर को दोबारा पक्की करने के लिए वीरवार को टेंडर खोले जाएंगे। काम अलॉटमेंट के एक साल में पूरा होगा। इसके बाद 8-9 गांवों की नहर के साथ लगती जमीन को सीपेज से पूरी तरह से छुटकारा मिल जाएगा और फिर जमीन में पहले की तरह ही खेती होने लगेगी।
-अरूण मुंजाल, कार्यकारी अभियंता
सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग रोहतक

