Bhavini Jha fish farming success;
मल्टीनेशनल नौकरी छोड़ शुरू किया मत्स्य पालन
विश्व महिला दिवस के अवसर पर मध्यप्रदेश के जबलपुर की एक महिला की प्रेरक कहानी सामने आई है। हैदराबाद की मल्टीनेशनल कंपनी में आईटी इंजीनियर के रूप में काम कर चुकीं Bhavini Jha ने नौकरी छोड़कर मत्स्य पालन के क्षेत्र में नई पहचान बनाई है।
आज उन्होंने आधुनिक तकनीक के सहारे साढ़े तीन वर्षों में अपने व्यवसाय को करीब 55 लाख रुपये सालाना टर्नओवर तक पहुंचा दिया है।
पथरीली जमीन पर बनाए पांच आधुनिक तालाब
जबलपुर के नेपियर टाउन निवासी भाविनी झा ने सूचना प्रौद्योगिकी में इंजीनियरिंग के बाद हैदराबाद में नौकरी की थी। विवाह के बाद वे जबलपुर लौट आईं और पति कौस्तुभ वर्मा के कोचिंग संस्थान में सहयोग करने लगीं।
वर्ष 2021 के बाद उन्होंने खाद्य आधारित व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया और मत्स्य पालन की दिशा में कदम बढ़ाया। जमीन की तलाश करते हुए उन्होंने ग्राम हिनौतिया में साढ़े चार एकड़ भूमि खरीदी।
2022 में पहला तालाब बनवाया, लेकिन मुरम और पत्थर वाली जमीन के कारण पानी नहीं टिक पाया। इसके बाद उन्होंने तालाब में एचडीपीई लाइनर शीट बिछाकर आधुनिक तकनीक अपनाई, जिससे उनका प्रयास सफल हुआ।
40 टन मछली उत्पादन से 55 लाख का कारोबार
मार्च 2023 में पहले प्रयोग से लगभग 5 हजार किलोग्राम मछली उत्पादन हुआ। बाजार में अच्छी कीमत मिलने पर उन्होंने तालाबों की संख्या बढ़ाकर पांच कर दी।
अब इन तालाबों में मुख्य रूप से पेंगासस (पंकज) प्रजाति की करीब 40 टन मछली प्रतिवर्ष तैयार हो रही है। इसकी मांग जबलपुर के साथ-साथ उत्तर प्रदेश तक है।
विशेषज्ञ संस्थानों से लिया प्रशिक्षण
मत्स्य पालन की तकनीक को बेहतर तरीके से समझने के लिए भाविनी झा ने देश के प्रतिष्ठित संस्थानों से प्रशिक्षण भी लिया।
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Central Institute of Freshwater Aquaculture
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Central Institute of Fisheries Education
इन संस्थानों से प्रशिक्षण लेकर उन्होंने आधुनिक तकनीकों को अपने फार्म में लागू किया।
कोरोना काल में आया व्यवसाय का विचार
कोरोना महामारी के दौरान कोचिंग गतिविधियों पर असर पड़ा। इसी समय भाविनी ने खाद्य आधारित व्यवसाय की संभावनाएं तलाशना शुरू किया।
उन्होंने कुक्कुट पालन, बकरी पालन और मशरूम उत्पादन की जानकारी भी ली, लेकिन अंत में मत्स्य पालन को अधिक संभावनाशील क्षेत्र मानते हुए इसी में काम शुरू किया।
45 लाख निवेश से खड़ा किया व्यवसाय
तालाब निर्माण और तकनीकी व्यवस्था में करीब 45 लाख रुपये का निवेश किया गया। आज पांच तालाबों से 40 टन मछली का वार्षिक उत्पादन हो रहा है, जिससे उनका कारोबार तेजी से बढ़ रहा है।
भविष्य में 300 टन उत्पादन का लक्ष्य
तीन बच्चों की परवरिश के साथ भाविनी झा अपने मत्स्य व्यवसाय का विस्तार करने की योजना बना रही हैं। उनका लक्ष्य आने वाले वर्षों में 300 टन वार्षिक मछली उत्पादन और सीड प्रोडक्शन यूनिट स्थापित करना है।
Quote
“शुरुआत में जमीन और तकनीक को लेकर कई कठिनाइयां आईं, लेकिन लगातार सीखते हुए आगे बढ़ती रही। मत्स्य पालन में अभी और भी बड़ी संभावनाएं हैं।”
— Bhavini Jha, मत्स्य उद्यमी
Highlights
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साढ़े तीन वर्षों में 55 लाख रुपये का वार्षिक कारोबार
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साढ़े चार एकड़ जमीन पर पांच आधुनिक तालाब
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प्रतिवर्ष लगभग 40 टन पेंगासस मछली उत्पादन
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भुवनेश्वर और मुंबई के संस्थानों से प्रशिक्षण
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