Haryana News
- -कानून व्यवस्था को लेकर सदन में कांग्रेस ने तख्तियां लहराई, वैल में विपक्षी पहुंचे विधायक
- -देर शाम तक छह बार स्थगित हुई सदन की कार्यवाही, दो घंटे 40 मिनट तक नहीं चली कार्यवाही
- -हरियाणा विधानसभा स्पीकर की बार बार अपील और चेतावनी के बाद भी नहीं माने विपक्षी विधायक
- -शोरगुल और सत्तापक्ष की बेंचों से बहस हुई, वेल में जाकर विधायकों ने बहस की, तो छह बार मामला टला
Haryana News : चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा में मानसून-सत्र के पहले दिन जमकर हंगामा हुआ। भिवानी की शिक्षिका मनीषा की मौत और कानून व्यवस्स्था को लेकर कांग्रेसियों ने जमकर शोरगुल मचाया। विपक्षी सदस्य सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाते हुए वेल में पहुंच गए। इस दौरान उन्होंने तख्तियां और पोस्टर लहराए। कांग्रेस ने मनीषा की मौत और कानून व्यवस्स्था को लेकर काम रोको प्रस्ताव दिया था। इस प्रस्ताव पर चर्चा की मांग करते हुए कांग्रेस विधायकों ने सदन में हंगामा किया। वह ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के पोस्टर लेकर वेल में आ गए और कार्यवाही नहीं चलने दी। हंगामे के बीच विधानसभा स्पीकर हरविंद्र कल्याण को 4 घंटे में 6 बार सदन की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। अंत में यह प्रस्ताव मंजूर कर लिया गया। इस पर अब 26 अगस्त को चर्चा होगी। इससे पहले सदन में शोक प्रस्तावों और दिवंगतों को श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। शोक प्रस्तावों में गुजरात अहमदाबाद के विमान हादसे में मृतकों, पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक, राजनेताओं और उनके रिश्तेदारों के निधन पर सदन के नेता सीएम नायब सैनी, नेता विपक्ष पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा, इनेलो की ओर से आदित्यदेवीलाल, विस अध्यक्ष हरविंद कल्याण ने शोक प्रस्ताव पढ़े। शुक्रवार को दोपहर दो सून सत्र की शुरुआत हुई। इसके ठीक पहले बीएसी की बैठक हुई और 27 तक यह सत्र चलाने का फैसला हुआ। इसकी जानकारी बाहर आकर वरिष्ठ मंत्री अनिल विज ने मीडिया को दी।
सत्ता पक्ष ने लगाए वंदेमातरम के नारे
कांग्रेस के हंगामे के बीच भारत माता की जय और वंदेमातरम के नारों के साथ सत्तापक्ष की बेचों से भी शोरगुल की शुरुआत हो गई। विपक्षी शिक्षिका मनीषा की मौत मामले पर तुरंत चर्चा कराने की जिद पर अड़े थे, स्पीकर ने अपने स्थान पर जाने की बार-बार चेतावनी दी, लेकिन कांग्रेस के विधायक अड़े रहे। देर शाम को छह बजे तक सदन में कोई कामकाज नहीं हो सका, चार बार तीस तीस मिनट अर्थात दो घंटे और दो बार बीस-बीस मिनट के लिए कार्यवाही स्थगित हुई। इस बीच मामला शांत नहीं होते देख विस अध्यक्ष ने सर्वदलीय बैठक बुला ली। तीन बार वक्त इस बैठक के कारण बढ़ाना पड़ा।
भुक्कल के प्रस्ताव पर 26 को होगी चर्चा
हरियाणा विधानसभा में सर्वदलीय बैठक के बाद में मामला शांत हुआ और प्रश्नकाल को टालते हुए स्पीकर ने कुछ जरूरी कामकाज निपटाया साथ ही साफ कर दिया कि कानून व्यवस्था को लेकर वे इस प्रस्ताव को स्वीकार करते हैं साथ ही इस पर चर्चा 26 को होगी।
हुड्डा और सीएम सैनी के बीच में तीखी बहस
सीएम नायब सैनी और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के बीच में सदन में तीखी बहस हुई। सदन के नेता नायब सिंह सैनी ने इस दौरन कांग्रेस शासनकाल की याद दिलाते हुए अपनाघर कांड अन्य घटनाओं की ओर ध्यान दिलाया। सीएम ने कहा कि भिवानी की बेटी के मामले में हम चर्चा कराने के लिए तैयार हैं। सैनी द्वारा कांग्रेस के शासनकाल में एफआईआऱ तक दर्ज नहीं होने के आरोप लगाए, तो पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इस पर आपत्ति उठाई साथ ही कहा कि उनके कार्यकाल में हर मामले में एफआईआऱ दर्ज किए जाने की पहल की थी।विधानसभा स्पीकर ने देर शाम 5 बजकर 50 मिनट पर चेयर पर आकर बताया कि सर्वदलीय बैठक में सदन की कार्यवाही चलाने का फैसला लिया गया है। बैठक के दौरान प्रश्नकाल को टाल दिया गया और साथ ही विधायक गीता भुक्कल द्वारा कानून व्यवस्था को लेकर प्रश्न लगाया गया है, जिसको लेकर स्पीकर ने स्वीकृति देते हुए इस पर मंथन के लिए इजाजत दे दी।
विधानसभा स्पीकर ने सर्वदलीय बैठक बुलाई
देर शाम को सदन में हंगामे शोरगुल के बाद में विधानसभा अध्यक्ष हरविंद्र कल्याण ने सर्वदलीय बैठक बुलाई। विस स्पीकर ने अपने चैंबर में सवर्दलीय बैठक बुलाकर माहौल को शांत करने और कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने की अपील की है। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, संसदीय कार्यमंत्री महिपाल ढांडा, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कांग्रेस विधायक गीता भुक्कल, इनेलो की ओर से विधायक अर्जुन चौटाला व निर्दलीय विधायक सावित्री जिंदल ने हिस्सा लिया। इस दौरान सदन में शांति का माहौल बनाए रखने की अपील के साथ ही पहले प्रश्नकाल चलने देने के बाद में काम रोको प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा, लेकिन विपक्ष अपनी मांग पर अड़ा हुआ था।
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