Electro Homeopathy
सीएम फ्लाइंग टीम का दावा
- -सीएम फ्लाइंग टीम ने कहा, अस्पताल में भारी मात्रा में दवाइयों का स्टॉक मिला
- -अस्पताल के दस्तावेज मांगे तो वह दस्तावेज दिखाने में असमर्थ रहा
- -अस्पताल से संबंधित कोई रजिस्ट्रेशन नहीं मिला और ना ही कोई वैलिड डिप्लोमा डिग्री मिली
इलेक्ट्रो होम्योपैथी मेडिकल काउंसिल के चेयरमैन डॉ. खनगवाल और अस्पताल संचालक बोले
- -डॉ. श्यामबीर तंवर ने दस्तावेज दिखाए तो टीम ने देखने से ही इनकार कर दिया
- -इलेक्ट्रो होम्योपैथी को प्रदेश में मान्यता नहीं है। इसलिए दस्तावेज मान्य नहीं हैं
- -एमओ पंकज यादव ने बात नहीं सुनी, सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर भी नहीं देखे
- -सीएम फ्लाइंग टीम ने इलेक्ट्रो होम्योपैथी के डॉक्टर को प्रताडि़त किया है
- -इलेक्ट्रोहोम्योपैथी मेडिकल काउंसिल शनिवार को महेंद्रगढ़ के सीएमओ को ज्ञापन सौंपेगी
- -पूरे प्रदेश के डॉक्टर स्वास्थ्य मंत्री आरती राव को भी ज्ञापन देंगे
- -इलेक्ट्रोहोम्योपैथी को राजस्थान सरकार से मान्यता प्राप्त है।
- -सुप्रीम कोर्ट की गाइडलान के अनुसार इलेक्ट्रोहोम्योपैथी के डॉक्टर्स काे प्रैक्टिस करने का पूरा अधिकार
- -इलेक्ट्रो होम्योपैथी में सभी बीमारियां का समाधान मौजूद है और इसका कोई साइड इफैक्ट भी नहीं
Electro Homeopathy : महेंद्रगढ़। गांव खुडाना में सीएम फ्लाइंग व गुप्तचर विभाग की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए वीरवार को एक इलेक्ट्रो होम्योपैथी अस्पताल में छापा मारा। टीम के अनुसार जांच के बाद यहां से कतिथ फर्जी डॉक्टर मिला। अस्पताल में सीएम फ्लाइंग टीम को भारी मात्रा में दवाइयों का स्टॉक भी मिला है। कृषि विभाग नारनौल के एसडीओ मंजीत सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट बनाया गया है। सीएम फ्लाइंग को गांव खुडाना में एक अस्पताल चलने की सूचना मिली। इस अस्पताल का डॉक्टर अपने पास एलर्जी चर्म रोग डिग्री का दावा कर रहा था, लेकिन उसके पास से कोई डिप्लोमा नहीं पाया गया। टीम ने दोपहर 12 बजे के आसपास गांव खुडाना के शिवम अस्पताल एलर्जी चर्म रोग क्लिनिक पर छापेमारी की कार्रवाई की गई। टीम में मुख्यमंत्री उड़नदस्ता की ओर से निरीक्षक राजेश कुमार, कृषि विभाग के एसडीओ ड्यूटी मजिस्टेट मंजीत सिंह, स्वास्थ्य विभाग नारनौल से डॉ. पंकज व आयुर्वेद अधिकारी डॉ. सुमन की संयुक्त टीम द्वारा गांव खुड़ाना के निजी अस्पताल में छापेमारी की। इस दौरान टीम को अस्पताल में गांव खुडाना निवासी श्यामवीर चिकित्सक काम करता पाया गया और मरीजों का इलाज भी कर रहा था, जब टीम द्वारा उससे अस्पताल के दस्तावेज मांगे तो वह दस्तावेज दिखाने में असमर्थ रहा, उसके पास अस्पताल से संबंधित कोई रजिस्ट्रेशन नहीं पाया गया और ना ही कोई वैलिड डिप्लोमा डिग्री पाई गई। उपरोक्त के पास भारी मात्रा में दवाइयों का स्टॉक मिला। इसके बाद मौके पर ड्रग इंस्पेक्टर प्रशांत को बुलाया गया। चेकिंग पूरी होने के बाद अस्पताल को सील कर दिया गया और डॉक्टर को हिरासत में ले लिया गया।
डॉ. विनोद खनगवाल बोले, इलेक्ट्रो होम्योपैथी के डॉक्टर्स को प्रैक्टिस का पूरा अधिकार, सुप्रीम कोर्ट भी जारी कर चुका गाइडलाइन
इलेक्ट्रो होम्योपैथी मेडिकल काउंसिल हरियाणा के चेयरमैन डॉ. विनोद खनगवाल ने बताया कि डॉ. श्यामबीर तंवर ने सीएम फ्लाइंग टीम को दस्तावेज दिखाए तो उन्होंने इसे मानने से इनकार कर दिया और कहा कि इलेक्ट्रोहोम्योपैथी को प्रदेश में मान्यता नहीं है। इसलिए दस्तावेज मान्य नहीं हैं। आपको अस्पताल बंद करना होगा। अस्पताल का संचालन डॉ. श्यामबीर तंवर और डॉक्टर नुपूर भारद्वाज द्वारा किया जा रहा है। ये इलेक्ट्रोहोम्योपैथी के डॉक्टर हैं। यहां इसी पैथी के जरिये यहां मरीजों का उपचार किया जाता है। इस मामले को इलेक्ट्रोहोम्योपैथी मेडिकल काउंसिल (ईएचएमसीएचआर) ने संज्ञान में लिया। चेयरमैन डॉ. विनोद खनगवाल ने बताया कि एमओ पंकज यादव ने बात नहीं सुनी, सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर भी नहीं देखे। सीएम फ्लाइंग टीम ने इलेक्ट्रोहोम्योपैथी के डॉक्टर को प्रताडि़त किया है। ईएचएमसीएचआर शनिवार को इस मुद्दे को लेकर महेंद्रगढ़ के सीएमओ को ज्ञापन सौंपेगी, इसके बाद पूरे प्रदेश के डॉक्टर स्वास्थ्य मंत्री आरती राव को ज्ञापन देंगे। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रोहोम्योपैथी को राजस्थान सरकार से मान्यता प्राप्त है और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलान के अनुसार इलेक्ट्रोहोम्योपैथी के डॉक्टर्स काे प्रैक्टिस करने का पूरा अधिकार है। इलेक्ट्रोहोम्योपैथी में सभी बीमारियां का समाधान मौजूद है और इसका कोई साइड इफैक्ट भी नहीं है।
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