• Mon. Mar 9th, 2026

Haryana , करियर और मनोरंजन की ख़बरें - Vartahr

हरियाणा, देश विदेश, करियर, खेल, बाजार और मनोरंजन की ख़बरें

Suprem court

  •  सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए कड़े निर्देश
  •  आगरा को आधुनिक शहर बनाने की दलील खारिज
  •  ताजमहल के आसपास हरियाली को नुकसान न पहुंचाएं
  •  कोई भी पेड़ काटने से पहले अनुमति लेनी होगी

Suprem court : नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश के आगरा स्थित विश्व प्रसिद्ध ताजमहल के 5 किलोमीटर के दायरे में बिना अनुमति के पेड़ों की कटाई पर प्रतिबंध लगाने संबंधी अपने 2015 के निर्देश को दोहराया। ताज ट्रेपेज़ियम जोन (टीटीज़ेड) का मामला शीर्ष अदालत के समक्ष विचारणीय है। इसके तहत लगभग 10,400 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र है, जो उत्तर प्रदेश के आगरा, फिरोजाबाद, मथुरा, हाथरस और एटा जिलों और राजस्थान के भरतपुर जिले में फैला हुआ है। न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्ज्ल भुइयां की पीठ ने कहा कि ऐतिहासिक स्मारक से 5 किलोमीटर के दायरे से परे, लेकिन टीटीजेड के भीतर के पेड़ों की कटाई के लिए केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति (सीईसी) के प्रभागीय वन अधिकारी (डीएफओ) की पूर्व अनुमति की आवश्यकता होगी और अधिकारी उत्तर प्रदेश वृक्ष संरक्षण अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्य करेंगे।

यह भी कहा पीठ ने

पीठ ने कहा, ‘जहां तक ​​ताजमहल के 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले क्षेत्रों का सवाल है, तो 8 मई 2015 का मूल आदेश लागू रहेगा। ऐसे मामलों में पेड़ों की कटाई की अनुमति के लिए आवेदन करना होगा, भले ही पेड़ों की संख्या 50 से कम हो। यह अदालत केंद्रीय अधिकार प्राप्त समिति से सिफारिश मांगेगी और उसके बाद पेड़ों की कटाई पर विचार करेगी।’ शीर्ष अदालत ने कहा, ‘जब तक पेड़ों की कटाई अत्यंत आवश्यकता न हो, प्रभागीय वन अधिकारी को यह शर्त लगानी होगी कि पेड़ों की कटाई तभी की जा सकती है, जब प्रतिपूरक वनरोपण सहित अन्य सभी शर्तों का अनुपालन कर लिया जाए।’

एक याचिका खारिज

पीठ ने डीएफओ या सीईसी को निर्देश दिया कि वे पेड़ों की कटाई की अनुमति देने से पहले निर्धारित शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करें। न्यायालय ने कहा, ‘हम यह स्पष्ट करना चाहते हैं कि अपवाद केवल तभी लागू होगा जब पेड़ों की कटाई अत्यंत आवश्यक हो। जैसे पेड़ों की कटाई तत्काल नहीं की गई तो मानव जीवन की हानि की संभावना हो सकती है।’ अदालत ने सीईसी से एक रिपोर्ट मांगी है, जिसमें यह बताया जाए कि क्या दो अन्य विश्व धरोहर इमारतों आगरा किला और फतेहपुर सीकरी की सुरक्षा के लिए कोई अतिरिक्त प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। इस बीच, अदालत ने आगरा स्थित एक न्यास की एक अन्य याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें निजी भूमि पर लगे पेड़ों की कटाई के लिए पूर्व अनुमति लेने की शर्त में ढील देने की मांग की गई थी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *