Bangladesh
- बांग्लादेश में हिंसा : मकसद था शेख हसीना को ‘हटाना’…हिंदुओं को बनाया ‘निशाना’
- विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, हसीना ने अनुरोध किया था कि वे कुछ समय के लिए भारत में रहना चाहती हैं। उन्होंने उम्मीद जताई है कि बांग्लादेश में जो भी सरकार बनेगी, वो भारत के लोगों को सुरक्षा प्रदान करेगी।
- हसीना हिंडन एयरबेस पर ही रुकी हुईं, भारत उन्हें रुकने की कुछ और मोहलत देगा -जयशंकर ने संसद के दोनों सदनों में सरकार के रुख को स्पष्ट किया
- शेख हसीना के इस्तीफा देने के बाद पिछले 24 घंटे में 100 से ज्यादा लोगों की मौत
- 24 लोगों को जिंदा जलाया, बांग्लादेश हिंसा में मरने वालों की संख्या 440 हुई

Bangladesh: ढाका/नई दिल्ली। बांग्लादेश में पीएम शेख हसीना के इस्तीफे बावजूद भी हिसा थमने का नाम नहीं ले रही है। हालात बेकाबू हैं। हसीना के इस्तीफा देने के बाद 24 घंटे में 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई है। करीब 24 लोगों को जिंदा जला दिया गया। हिंदू मंदिंरों पर भी हमले शुरू हो गए हैं, मंदिरों में लगातार आगजनी की जा रही है। उपद्रवियों ने इस्कॉन टैंपल को फूंक दिया। वहां उपद्रवी हिंदुओं को टारगेट कर रहे हैं। बांग्लादेश की हिंसा पर मंगलवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लोकसभा में एक विस्तृत जवाब दिया। उन्होंने बताया कि बांग्लादेश में अभी 19,000 भारतीय हैं। इनमें से 9,000 छात्र हैं। इनमें से करीब 8 हजार पहले ही स्वदेश लौट चुके हैं।
प्रदर्शनकारियों का एजेंडा था, हसीना काे हटाना
जयशंकर ने कहा कि विरोध कर रहे प्रदर्शनकारियों का बस एक एजेंडा था, वे शेख हसीना का इस्तीफा चाहते थे। हसीना ने अनुरोध किया था कि वे कुछ समय के लिए भारत में रहना चाहती हैं। अपने सेना प्रमुखों से बात करने के बाद उन्होंने इस्तीफा देने का फैसला लिया था। फिर काफी कम समय में उन्होंने भारत आने का फैसला किया। जयशंकर ने इस बात पर भी जोर दिया कि बांग्लादेश के आर्मी चीफ के साथ लगातार संपर्क साधा जा रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि बांग्लादेश में जो भी सरकार बनेगी, वो भारत के लोगों को सुरक्षा प्रदान करेगी।

सभी दल सरकार के साथ
इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक पहले ही हो चुकी है। सभी पार्टियों को सरकार ने अपना स्टैंड बता दिया है, तमाम नेता भी अभी केंद्र के साथ मजबूती से खड़े दिख रहे हैं। बंगाल की सीएम ममता बेनर्जी ने भी कहा है कि वे सरकार का इस मुद्दे पर समर्थन करती हैं।
सर्वदलीय बैठक में सभी पार्टियां केंद्र सरकार के साथ मजबूती से खड़ी दिखीं।

हम भारतीयों के संपर्क में : जयशंकर
जयशंकर ने कहा कि भारत बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के मामले में स्थिति पर नजर रख रहा है। अपने राजनयिक मिशनों के जरिए हम वहां के भारतीय समुदाय के साथ संपर्क में हैं। पड़ोसी देश में इस जटिल और अभी भी लगातार अस्थिर बने हुए हालात को देखते हुए सीमा सुरक्षा बलों को सतर्क रहने का निर्देश दिया है। भारत अल्पसंख्यकों की स्थिति के संबंध में भी स्थिति की निगरानी कर रहा है। बांग्लादेश के साथ भारत के दशकों से गहरे संबंध हैं।
भारत-बांग्लादेश पेट्रोपोल सीमा बंद
बांग्लादेश में जारी राजनीतिक उथल-पुथल और हिंसा के चलते सीमा पर घुसपैठ की संभावना बढ़ गई है। ऐसे में भारत ने दोनों देशों की सीमा पर चौकसी बढ़ा दी है। इस स्थिति से निपटने के लिए बीएसएफ ने बांग्लादेश से लगती हजारों किलोमीटर लंबी सीमा को भी सील कर दिया है। भारत-बांग्लादेश पेट्रोपोल सीमा को बंद कर दिया गया है। सुंदरबन इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। बीएसएफ के डीजी दलजीत सिंह चौधरी ने सोमवार को ही सीमा क्षेत्रों का निरीक्षण किया और सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की। उधर, भारत से बांग्लादेश गए सभी ट्रक चालकों को बीएसएफ ने वापस भारत बुला लिया है।
राफेल तक एक्टिव
हसीना के भारत आना पहले से ही तय हो गया था। बताया जा रहा है कि सोमवार को दोपहर 12 बजे मोदी सरकार की एक हाई लेवल मीटिंग हुई थी, उसमें पहले ही बता दिया गया था कि हसीना भारत आना चाहती हैं। फिर उनकी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए, राफेल तक को सक्रिय कर दिया गया। असल में दिल्ली की जगह हिंडन एयरबेस पर शेख हसीना के विमान को लैंड करवाया गया। असल में भारत की सुरक्षा एजेंसियों को अंत तक शेख हसीना की लोकेशन को एक सीक्रेट रखना था।
सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्ण हो : यूएन
संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार के उच्चायुक्त वोल्कर तुर्क ने बांग्लादेश के मुद्दे पर चर्चा करते हुए इस बात पर जोर दिया है कि यह महत्वपूर्ण है कि बांग्लादेश में सत्ता का हस्तांतरण शांतिपूर्ण, पारदर्शी हो और जवाबदेह तरीके से हो और देश के सभी लोगों की सार्थक भागीदारी के लिए खुला हो।
फिलहाल भारत में ही रहेंगी शेख हसीना
शेख हसीना की आगे की यात्रा की योजना कुछ अनिश्चितताओं की वजह से बाधित हो गई है। उनके अगले कुछ दिनों तक भारत से बाहर जाने की संभावना भी नहीं है। हसीना लंदन जाने वालीं थीं, लेकिन अब वे अन्य जगहों के बारे में विचार कर रहीं हैं। सोमवार को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद शेख हसीना दिल्ली के पास मौजूद हिंडन एयरबेस पहुंचीं थीं। वे कड़ी सुरक्षा के बीच एक अज्ञात जगह पर ठहरीं हुईं हैं। दरअसल, ब्रिटिश सरकार का कहना है कि लंदन में शेख हसीना को किसी भी संभावित जांच के तहत कानूनी सुरक्षा मिलने की संभावना नहीं है।
नोबेल विजेता डॉ. यूनुस होंगे अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार
बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने मौजूदा संसद को भंग करने का ऐलान कर दिया है। नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. मोहम्मद यूनुस अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार होंगे।अंतरिम सरकार के अन्य सदस्यों के नामों के प्रस्ताव भी साझा किए जाएंगे। डॉ. यूनुस हमेशा ही शेख हसीना सरकार के खिलाफ रहे हैं। डॉ. यूनुस इन दिनों विदेश में हैं। वह ओलंपिक समिति के निमंत्रण पर मुख्य गेस्ट के रूप में पेरिस गए थे।
तेहरान की चिंताएं बढ़ी : ईरान
भारत में ईरान के राजदूत इराज इलाही ने कहा कि बांग्लादेश में जो कुछ भी हुआ है, उसने लोगों के जीवन को लेकर तेहरान की चिंताएं बढ़ा दी हैं, क्योंकि बांग्लादेश के साथ उसके पारंपरिक संबंध हैं। बांग्लादेश में शांति या स्थिरता की कमी सभी क्षेत्रों को प्रभावित करेगी।
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