SGT University Conference
गुरुग्राम। SGT University conference के दौरान भारत आई आर्मेनिया की विद्वान डॉ. ऑरोरा मार्टिन ने कहा कि भारत की परंपरा ‘अतिथि देवो भव’ केवल शब्दों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे वास्तविक जीवन में भी अनुभव किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि श्री गुरु गोबिंद सिंह ट्राई सेंटेनरी यूनिवर्सिटी (एसजीटीयू) गुरुग्राम में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान उन्हें भारतीय आतिथ्य और अकादमिक सहयोग का अद्भुत अनुभव मिला।
SGT University Conference में अंतरराष्ट्रीय अकादमिक संवाद
आर्मेनिया के येरेवन स्थित ब्रूसोव स्टेट यूनिवर्सिटी में रोमानियन लैंग्वेज इंस्टीट्यूट की स्पेशलिस्ट डॉ. ऑरोरा मार्टिन को हाल ही में आयोजित SGT University conference में विशेष अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया था।
उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में उनकी उपस्थिति “Changing Dynamics of India’s Narrative Diplomacy” विषय पर आयोजित सम्मेलन के दौरान संभव हुई। यह सम्मेलन डॉ. नंदिनी बसिष्ठ के सहयोग से आयोजित किया गया था।
डॉ. मार्टिन के अनुसार यह आयोजन समकालीन विश्व में हो रहे सामाजिक और बौद्धिक परिवर्तनों पर चर्चा के लिए एक महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।
SGT University और Brusov State University के बीच MoU
इस SGT University conference की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि एसजीटी विश्वविद्यालय और आर्मेनिया के ब्रूसोव स्टेट यूनिवर्सिटी के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर होना रहा।
यह समझौता दोनों विश्वविद्यालयों के बीच अकादमिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
डॉ. मार्टिन ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक साझेदारियां ज्ञान के आदान-प्रदान, अंतरसांस्कृतिक समझ और छात्रों-शोधकर्ताओं के लिए नए अवसरों को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाती हैं।
जेंडर सिक्योरिटी पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम
अपने भारत प्रवास के दौरान डॉ. मार्टिन को स्कूल ऑफ ह्यूमैनिटीज, सोशल साइंसेज एंड लिबरल आर्ट्स में “Gender Security” विषय पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित करने का अवसर भी मिला।
इस कार्यक्रम में छात्रों को महिलाओं की सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विचार करने के लिए प्रेरित किया गया, जिसमें व्यक्तिगत, पारिवारिक, सामुदायिक, राष्ट्रीय और वैश्विक स्तर शामिल थे।
उन्होंने छात्रों को यह भी समझाया कि सुरक्षित और समानतापूर्ण समाज के निर्माण में सभी की सामूहिक जिम्मेदारी होती है।
मीडिया और समाज में महिलाओं की छवि पर व्याख्यान
इसके अलावा एमर्जिंग मीडिया, कम्युनिकेशन एंड फिल्म स्टडीज़ फैकल्टी में डॉ. मार्टिन ने “Rights, Justice, Action for All Women and Girls” विषय पर व्याख्यान दिया।
इस दौरान छात्रों ने चर्चा की कि मीडिया, सोशल मीडिया, विज्ञापन और फिल्मों के माध्यम से महिलाओं के बारे में रूढ़िवादी और नकारात्मक धारणाएं किस प्रकार फैलती हैं।
छात्रों ने इन कथाओं को बदलने के लिए स्थानीय स्तर पर समाधान खोजने पर भी विचार किया।
छात्रों की जिज्ञासा और सामाजिक संवेदनशीलता से प्रभावित
डॉ. ऑरोरा मार्टिन ने कहा कि SGT University conference के दौरान छात्रों के साथ हुई बातचीत उनके लिए बेहद प्रेरणादायक रही।
उन्होंने छात्रों की बौद्धिक क्षमता, सामाजिक संवेदनशीलता और वास्तविक समस्याओं के समाधान खोजने की प्रतिबद्धता की सराहना की।
साथ ही उन्हें विश्वविद्यालय में आयोजित सांस्कृतिक गतिविधियों में भी भाग लेने का अवसर मिला, जिससे भारतीय अकादमिक जीवन की जीवंतता को करीब से समझने का मौका मिला।
संकट के समय भी दिखा ‘अतिथि देवो भव’ का भाव
डॉ. मार्टिन के अनुसार उनकी भारत यात्रा अप्रत्याशित रूप से कुछ समय के लिए बढ़ गई क्योंकि भू-राजनीतिक परिस्थितियों के कारण उनकी वापसी की उड़ान रद्द हो गई थी।
ऐसे समय में SGT University के प्रबंधन और नेतृत्व ने अत्यंत सहयोग और संवेदनशीलता का परिचय दिया। विश्वविद्यालय ने उनके ठहरने की व्यवस्था होटल और बाद में विश्वविद्यालय के अतिथि गृह में की और उनकी वापसी की उड़ान के अतिरिक्त खर्च का भी वहन किया।
‘एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य’ की भावना का अनुभव
डॉ. मार्टिन ने कहा कि भारत में उन्हें “अतिथि देवो भव” की परंपरा का वास्तविक अनुभव हुआ।
उन्होंने यह भी कहा कि जी-20 का संदेश “One Earth, One Family, One Future” उनके इस अनुभव में जीवंत रूप में दिखाई दिया।
संस्कृतियों के बीच पुल बनाते हैं विश्वविद्यालय
डॉ. मार्टिन के अनुसार यह यात्रा केवल एक पेशेवर कार्यक्रम नहीं थी, बल्कि इसने यह साबित किया कि जब विश्वविद्यालय संवाद और सहयोग के लिए अपने द्वार खोलते हैं, तो वे केवल शिक्षा ही नहीं देते बल्कि संस्कृतियों के बीच पुल भी बनाते हैं।
उन्होंने विश्वास जताया कि SGT University और Brusov State University के बीच यह साझेदारी आने वाले वर्षों में और मजबूत होगी और वैश्विक अकादमिक सहयोग को नई दिशा देगी।
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