NCR Air Pollution AQI
कई शहरों में AQI 300 के पार, विशेषज्ञों ने दी सावधानी बरतने की सलाह
चंडीगढ़/नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में एक बार फिर वायु प्रदूषण का स्तर चिंताजनक स्थिति में पहुंच गया है। Central Pollution Control Board (सीपीसीबी) के ताजा Air Quality Index (AQI) बुलेटिन के अनुसार एनसीआर के कई शहरों में हवा ‘खराब’ और ‘बहुत खराब’ श्रेणी में दर्ज की गई है।
हरियाणा के शहरों में सबसे खराब स्थिति Gurugram की रही, जहां AQI 307 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। लगातार बढ़ते प्रदूषण ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
हरियाणा के शहरों में तेजी से बढ़ा प्रदूषण
एनसीआर के हरियाणा क्षेत्र में भी हवा की गुणवत्ता तेजी से खराब हुई है। गुरुग्राम में AQI 307 दर्ज किया गया, जो पूरे क्षेत्र में सबसे अधिक रहा।
अन्य शहरों में AQI इस प्रकार दर्ज किया गया:
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Manesar – 268
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Bahadurgarh – 241
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Faridabad – 224
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Panipat – 216
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Dharuhera – 228
विशेषज्ञों के अनुसार इन शहरों में PM2.5 और PM10 जैसे सूक्ष्म कण प्रमुख प्रदूषक तत्व के रूप में पाए गए हैं। ये कण लंबे समय तक हवा में बने रहते हैं और सांस के जरिए शरीर में प्रवेश कर स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं।
कुछ शहरों में स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर
हरियाणा के कुछ शहरों में हवा की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर दर्ज की गई।
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Bhiwani – AQI 146
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Charkhi Dadri – AQI 101
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Jind – AQI 159
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Narnaul – AQI 127
वहीं Nuh जिले के मंडीखेड़ा में AQI 96 और Palwal में 74 दर्ज किया गया, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में शामिल हैं।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में बदलाव के साथ प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ सकता है।
दिल्ली और यूपी के एनसीआर शहरों में भी खराब हालात
राष्ट्रीय राजधानी New Delhi में AQI 265 दर्ज किया गया, जो ‘खराब’ श्रेणी में आता है।
उत्तर प्रदेश के एनसीआर शहरों में भी स्थिति चिंताजनक है:
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Ghaziabad – AQI 329
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Greater Noida – AQI 340
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Noida – AQI 288
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Meerut – AQI 250
प्रदूषण बढ़ने से लोगों को सांस लेने में तकलीफ, आंखों में जलन और एलर्जी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
स्वास्थ्य पर पड़ सकता है गंभीर असर
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार ‘खराब’ और ‘बहुत खराब’ श्रेणी की हवा में लंबे समय तक रहने से सांस संबंधी बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
खासतौर पर Asthma, Bronchitis और हृदय रोग से पीड़ित लोगों के लिए यह स्थिति ज्यादा खतरनाक हो सकती है।
डॉक्टरों ने बुजुर्गों, बच्चों और पहले से बीमार लोगों को सुबह और शाम के समय घर से बाहर कम निकलने की सलाह दी है। साथ ही मास्क पहनने और भारी शारीरिक गतिविधियों से बचने की भी सलाह दी गई है।
प्रदूषण कम करने के लिए सख्त कदम जरूरी
पर्यावरण विशेषज्ञों का मानना है कि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने होंगे।
प्रदूषण बढ़ने के प्रमुख कारण:
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निर्माण कार्यों से उड़ने वाली धूल
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वाहनों से निकलने वाला धुआं
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औद्योगिक प्रदूषण
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मौसम की स्थिरता
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले दिनों में एनसीआर की वायु गुणवत्ता और खराब हो सकती है।
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