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Haryana breaking news

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चंडीगढ़। सूरजकुंड में हुए दर्दनाक झूला हादसे के बाद हरियाणा सरकार ने बड़ा और ऐतिहासिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने घोषणा की है कि राज्य में देश की पहली ‘झूला सेफ्टी पॉलिसी’ तैयार की जाएगी। इस नीति का मुख्य उद्देश्य मेलों, उत्सवों और सार्वजनिक आयोजनों में लगाए जाने वाले झूलों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है।

मुख्यमंत्री ने यह घोषणा मंगलवार को हरियाणा निवास में पत्रकारों से बातचीत के दौरान की। इस अवसर पर सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा, कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री श्याम सिंह राणा तथा सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण कुमार बेदी भी मौजूद रहे।

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🌟 सूरजकुंड हादसे को लेकर सरकार सख्त

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सूरजकुंड झूला हादसे को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार इस मामले को अत्यंत गंभीरता से ले रही है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसी घटनाओं की दोबारा पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने जानकारी दी कि झूला संचालन से जुड़े दो लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और जांच प्रक्रिया जारी है। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

💰 घायलों और शहीद के परिवार को राहत

मुख्यमंत्री ने हादसे में घायल लोगों और शहीद पुलिस इंस्पेक्टर के परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। उन्होंने राहत और सहायता के लिए निम्नलिखित घोषणाएं कीं –

  • हादसे में घायल सभी लोगों का इलाज जारी है।

  • इलाज का पूरा खर्च हरियाणा सरकार वहन करेगी।

  • गंभीर रूप से घायल प्रत्येक व्यक्ति को 1 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।

  • हादसे में शहीद हुए पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाएगी।

यह निर्णय सरकार की संवेदनशीलता और जिम्मेदारी को दर्शाता है।

🔍 झूला सेफ्टी पॉलिसी में क्या होगा खास?

हरियाणा की प्रस्तावित ‘झूला सेफ्टी पॉलिसी’ देश में अपनी तरह की पहली नीति होगी। इसमें कई महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए जाएंगे, जैसे –

  • सभी झूलों की नियमित तकनीकी जांच अनिवार्य होगी।

  • निर्धारित सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन कराया जाएगा।

  • बिना अनुमति और फिटनेस सर्टिफिकेट के कोई भी झूला संचालित नहीं किया जा सकेगा।

  • लापरवाही बरतने वाले संचालकों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।

  • आयोजकों और झूला संचालकों की जवाबदेही तय की जाएगी।

सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी सार्वजनिक आयोजन में लोगों की जान को जोखिम में न डाला जाए।

👨‍👩‍👧‍👦 आम जनता को क्या होंगे फायदे?

नई झूला सेफ्टी पॉलिसी लागू होने के बाद आम नागरिकों को कई महत्वपूर्ण लाभ मिलेंगे –

  • मेलों और उत्सवों में झूलों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

  • दुर्घटनाओं में उल्लेखनीय कमी आएगी।

  • बच्चों और परिवारों का भरोसा बढ़ेगा।

  • सुरक्षित और जिम्मेदार मनोरंजन संस्कृति विकसित होगी।

  • अन्य राज्यों के लिए हरियाणा मॉडल प्रेरणा बनेगा।

इस नीति से राज्य में सार्वजनिक आयोजनों की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होने की उम्मीद है।

🚨 सख्ती से लागू होगी नीति

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह नीति केवल घोषणा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इसे पूरी सख्ती के साथ लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार लोगों की जान से कोई समझौता नहीं करेगी।

हरियाणा सरकार का यह कदम न केवल राज्य बल्कि पूरे देश के लिए एक उदाहरण बन सकता है। यदि यह नीति प्रभावी रूप से लागू होती है, तो सार्वजनिक आयोजनों में सुरक्षा के नए मानक स्थापित होंगे।

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