Budget Expectation
- क्रिप्टोकरेंसी में लोगों की रुचि बढ़ने के बावजूद निवेश अब भी महंगा व जटिल
- इससे विदेशी प्लेटफार्म की ओर जाता है वॉल्यूम
नई दिल्ली। हाल के वर्षों में भारत में क्रिप्टोकरेंसी के प्रति रुचि बढ़ी है, लेकिन नियमों में स्पष्टता की कमी और आक्रामक कर व्यवस्था ने भारत में क्रिप्टोकरेंसी या वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (वीडीए) में निवेश को काफी जटिल और महंगा बना दिया है। बजट 2026 नजदीक आते ही क्रिप्टो इकोसिस्टम में उत्सुकता बढ़ती जा रही है। उद्योग से जुड़े प्रतिभागी, कर विशेषज्ञ और निवेशक सभी एक संतुलित और न्यायसंगत दृष्टिकोण की उम्मीद कर रहे हैं। मुख्य प्रश्न यह है कि क्या बजट 2026 भारत में क्रिप्टो टैक्सेशन के लिए एक निर्णायक मोड़ साबित होगा या फिर मौजूदा स्थिति ही जारी रहेगी? हालांकि सरकार ने औपचारिक रूप से किसी प्रस्ताव का संकेत नहीं दिया है, लेकिन व्यापक रूप से यह उम्मीद की जा रही है कि बजट 2026 आक्रामक कराधान के बजाय तर्कसंगतता और स्पष्टता पर ध्यान केंद्रित करेगा, खासकर तब जब भारत एक अधिक परिपक्व डिजिटल एसेट इकोसिस्टम की ओर बढ़ रहा है।

1% टीडीएस को कम करने की मांग
विशेषज्ञ कहते हैं कि एक प्रमुख अपेक्षा धारा 194एस के तहत 1% टीडीएस को तर्कसंगत बनाने की है। बाजार प्रतिभागियों ने लगातार इस बात पर जोर दिया है कि वर्तमान दर ने तरलता (लिक्विडिटी) को प्रभावित किया है, बिड-आस्क स्प्रेड को बढ़ाया है और ट्रेडिंग वॉल्यूम को विदेशी प्लेटफॉर्म्स की ओर धकेला है। इसलिए दर में कमी या सीमा (थ्रेशोल्ड) में वृद्धि की व्यापक उम्मीद है। वर्तमान कर ढांचे के तहत वीडीए लेनदेन से होने वाले नुकसान को अन्य वीडीए से होने वाले लाभ के खिलाफ समायोजित (सेट-ऑफ) करने की अनुमति नहीं है और न ही इन्हें आगामी वर्षों में आगे ले जाया जा सकता है।
निवेशकों को असमान रिजल्ट मिलता है
इसका प्रभाव यह होता है कि वास्तविक आर्थिक नुकसान को मान्यता दिए बिना सकल लाभ पर कर लगाया जाता है, जिससे निवेशकों को असमान रिजल्ट मिलता है। एक अधिक संतुलित और तर्कसंगत दृष्टिकोण यह होगा कि वीडीए श्रेणी के भीतर नुकसान को सेट-ऑफ करने की अनुमति दी जाए और ऐसे नुकसान को सीमित वर्षों उदाहरण के लिए 4 वर्ष या 8 वर्ष तक आगे ले जाने की अनुमति दी जाए। भारत की वर्तमान कर व्यवस्था वैश्विक स्तर पर सबसे कड़ी व्यवस्थाओं में से एक मानी जाती है। उद्योग जगत एक संतुलित दृष्टिकोण की उम्मीद कर रहा है, जो अनुपालन बनाए रखते हुए पूंजी के विदेशी प्लेटफॉर्म्स की ओर पलायन को कम कर सके।
क्रिप्टोकरेंसी पर आयकर नियम और टीडीएस दरें क्या हैं?
वर्चुअल डिजिटल एसेट्स (वीडीए) के किसी भी हस्तांतरण पर 30% की फ्लैट दर से कर लगाया जाता है, इसके अतिरिक्त लागू सरचार्ज और सेस भी जोड़े जाते हैं।
ऐसे लगता है कर
-वीडीए लाभ पर कर दर 30% फ्लैट (आय स्लैब से स्वतंत्र) है
-सरचार्ज और सेस से प्रभावी दर लगभग 34.5% तक पहुंच सकती है
-अन्य आय के विरुद्ध नुकसान को सेट-ऑफ करने की अनुमति नहीं
-अन्य वीडीए लाभ के विरुद्ध नुकसान की सेट-ऑफ अनुमति नहीं
-नुकसान को आगे ले जाना यानी कैरी फारवर्ड की अनुमति नहीं
-कटौतियां केवल अधिग्रहण लागत (कोई अन्य खर्च/फीस नहीं) पर
-वीडीए का उपहार: यदि मूल्य 50,000 रुपये से अधिक हो तो कर योग्य
