Haryana Water Project News
हरियाणा सरकार ने जल संरक्षण और प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश को जल-आत्मनिर्भर बनाना है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में तैयार की गई ‘जल संरक्षित हरियाणा परियोजना’ को विश्व बैंक से 5,700 करोड़ रुपये का तकनीकी और वित्तीय सहयोग (ऋण) मिला है। इस परियोजना के लागू होने के बाद हरियाणा भारत का पहला ‘Water Secure State’ बनने की दिशा में बढ़ेगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी चंडीगढ़ में ‘जल संरक्षित हरियाणा’ परियोजना पर अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे हैं।
Haryana Water Project News: 2026 से 2032 तक चरणों में कार्यान्वयन
चंडीगढ़ में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि यह परियोजना 2026 से 2032 तक छह वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी। इस अवधि में प्राप्त धनराशि का उपयोग नहरों के पुनर्वास, सिंचाई के आधुनिकीकरण और जल प्रबंधन से जुड़े बड़े कार्यों पर होगा।
प्रदेश की सभी नहरों के लिए स्थायी और आधुनिक नेटवर्क
मुख्यमंत्री ने बताया कि हरियाणा में कुल 1,570 नहरें हैं, जिनमें पिछले दो दशकों में 892 नहरों का पुनर्वास किया जा चुका है। शेष 678 नहरों को अगले पांच वर्षों में मजबूत किया जाएगा।
इस पुनर्वास कार्य में शामिल हैं—
विश्व बैंक सहयोग से 115 नहरें
राज्य बजट से 284 नहरें
नाबार्ड के माध्यम से 279 नहरें
प्रोजेक्ट के पूरा होने पर प्रदेश की सभी नहरों का नेटवर्क अगले 25 वर्षों तक बिना बड़े खर्च के सुचारू रूप से कार्य करेगा।
Haryana Water Project News: नहरी खालों और सूक्ष्म सिंचाई पर ध्यान
नहरों के साथ-साथ नहरी खालों की भी व्यापक योजना बनाई गई है। अब तक हजारों खालों का पुनर्वास किया गया है, जबकि शेष खालों को अगले पांच वर्षों में सुधारा जाएगा।
इसके अलावा, विश्व बैंक के सहयोग से लगभग 70,000 एकड़ कृषि भूमि में सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियाँ लागू की जाएंगी। इससे पानी की बचत और उत्पादन क्षमता बढ़ेगी।
जलभराव से प्रभावित क्षेत्रों को मिलेगा समाधान
Haryana Water Project News के अनुसार, कृषि विभाग राज्य के जलभराव प्रभावित क्षेत्रों में लगभग 2 लाख एकड़ भूमि के लिए नलकूप आधारित और सतही जल निकासी प्रणालियाँ विकसित करेगा। साथ ही—
फसल विविधीकरण
धान की सीधी बिजाई
जल-संरक्षण आधारित कृषि मॉडल
को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि खेती अधिक टिकाऊ हो सके।
भूजल पुनर्भरण और पुनः उपयोग के लिए ठोस कदम
भूजल स्तर सुधारने के लिए दक्षिणी हरियाणा के विभिन्न जिलों में लगभग 80 नए जल निकाय विकसित होंगे। इसके साथ ही—
जींद, कैथल और गुरुग्राम
चार प्रमुख सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट से उपचारित जल का पुनः उपयोग कर 28,000 एकड़ कृषि भूमि की सिंचाई की जाएगी।
औद्योगिक क्षेत्रों के लिए पेयजल व्यवस्था को नया समाधान
मुख्यमंत्री ने बताया कि खरखौदा औद्योगिक क्षेत्र के लिए पाइपलाइन के माध्यम से पेयजल उपलब्ध कराने के लिए जल्द टेंडर जारी किए जाएंगे। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए औद्योगिक जोनों के लिए लिंक चैनल योजना बनाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
किसानों से सूक्ष्म सिंचाई अपनाने की अपील
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों से आग्रह किया कि वे धान की खेती में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली अपनाएं। इससे—
पानी की खपत घटेगी
फसल उत्पादन बढ़ेगा
पेयजल के लिए ताजा पानी सुरक्षित रहेगा
इसके लिए प्रदेशभर में जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे।
Haryana Water Project News: जल संरक्षण की दिशा में मील का पत्थर
विश्व बैंक ने ‘जल संरक्षित हरियाणा’ परियोजना को राज्य के जल प्रबंधन में एक महत्वपूर्ण बदलाव बताते हुए सरकार के प्रयासों की सराहना की है। यह योजना न केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित, सतत और समावेशी जल भविष्य की मजबूत नींव भी रखेगी।
vartahr.com एक हिंदी न्यूज page है। इसमें हरियाणा समेत देश-विदेश की हर क्षेत्र की जानकारी और प्रतिभाशाली व्यक्तियों का परिचय उनकी उपलब्धियों के साथ

