तकनीकी कौशल के साथ बॉडी फैट भी तय, सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस
दिल्ली।
जोमैटो के संस्थापक और इटरनल के वाइस चेयरमैन Deepinder Goyal के हेल्थ-टेक स्टार्टअप टेंपल की नई भर्ती नीति इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है। Temple startup hiring criteria के तहत अब सिर्फ तकनीकी दक्षता ही नहीं, बल्कि फिटनेस को भी नौकरी के लिए अनिवार्य शर्त बना दिया गया है।
दीपेंद्र गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए बताया कि टेंपल के लिए इंजीनियरिंग टीम बनाई जा रही है, लेकिन उम्मीदवारों को शारीरिक रूप से भी उच्च स्तर का होना होगा।
पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग फिटनेस मानक
नई भर्ती नीति के अनुसार—
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पुरुष उम्मीदवारों का बॉडी फैट 16 प्रतिशत से कम होना चाहिए
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महिला उम्मीदवारों के लिए यह सीमा 26 प्रतिशत से कम तय की गई है
जो उम्मीदवार फिलहाल इस मानक को पूरा नहीं करते, उन्हें भी मौका दिया जा सकता है, लेकिन तीन महीने के भीतर लक्ष्य हासिल करना अनिवार्य होगा। तय समय में फिटनेस मानक पूरा न करने पर उम्मीदवारों को प्रोबेशन पर रखा जाएगा।
“हम एथलीट्स के लिए प्रोडक्ट बना रहे हैं”
दीपेंद्र गोयल ने अपनी पोस्ट में लिखा कि टेंपल ऐसे लोगों के लिए प्रोडक्ट तैयार कर रहा है, जो अपने शरीर को उसकी सीमाओं तक ले जाते हैं। उन्होंने कहा कि कंपनी ऐसे इंजीनियर चाहती है जो खुद एथलीट हों, अपने बनाए प्रोडक्ट को खुद इस्तेमाल करें और जब तक वह परफेक्ट न हो, तब तक संतुष्ट न हों।
किन पदों पर हो रही है भर्ती
Temple startup hiring criteria के तहत जिन पदों के लिए भर्तियां निकाली गई हैं, उनमें शामिल हैं—
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एनालॉग सिस्टम इंजीनियर
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एंबेडेड सिस्टम इंजीनियर
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कम्प्यूटेशनल न्यूरोसाइंटिस्ट
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बीसीआई इंजीनियर
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न्यूरल डिकोडिंग रिसर्चर
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कंप्यूटर विज़न इंजीनियर
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न्यूरोइमेजिंग मशीन लर्निंग इंजीनियर
इसके अलावा ऐसे प्रोडक्ट मैनेजर भी मांगे गए हैं, जो बिना डिजाइनर के फिगमा पर काम कर सकें।
टेंपल क्या है?
गोयल के अनुसार टेंपल एक एडवांस वेयरेबल डिवाइस विकसित कर रहा है, जो एलीट परफॉर्मेंस एथलीट्स के लिए बनाया जा रहा है। यह डिवाइस ऐसे हेल्थ मेट्रिक्स मापेगा, जिन्हें फिलहाल कोई दूसरा वेयरेबल ट्रैक नहीं करता।
यह क्लिप-आकार का मेटल डिवाइस माथे के पास टेम्पल एरिया में लगाया जाता है और रियल-टाइम में मस्तिष्क में रक्त प्रवाह को मापने के लिए डिजाइन किया गया है। फिलहाल यह रिसर्च प्रोटोटाइप चरण में है।
सोशल मीडिया पर मिली मिली-जुली प्रतिक्रिया
जैसा कि उम्मीद थी, Temple startup hiring criteria को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई।
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कुछ यूजर्स ने इसे फिटनेस-फोकस्ड इनोवेशन बताया
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वहीं कई लोगों ने बॉडी फैट को हायरिंग का पैमाना बनाने पर सवाल उठाए
एक यूजर ने मजाक में लिखा कि 16% से कम बॉडी फैट वाला एंबेडेड सिस्टम इंजीनियर ढूंढना जीटीए-6 आने से भी मुश्किल है।
वहीं कुछ लोगों का कहना है कि फिटनेस जरूरी है, लेकिन बॉडी फैट प्रतिशत के आधार पर टैलेंट को आंकना सही तरीका नहीं।
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