SGT university का विशाल प्रांगण आज सचमुच बृज के आंगन में बदल गया। राधा-कृष्ण की भक्ति, फूलों की होली और सांस्कृतिक रंगों के संग ऐसा उल्लास उमड़ा कि हर चेहरा खुशी से खिल उठा। खास बात यह रही कि यहां न रंग था, न गुलाल और न ही पानी—सिर्फ और सिर्फ फूलों से होली खेली गई।
हजारों छात्र-छात्राओं, फैकल्टी सदस्यों और अधिकारियों की रिकॉर्ड भागीदारी ने इस आयोजन को यादगार बना दिया। भक्ति, संस्कृति और उत्सव का यह संगम लंबे समय तक सभी के मन में बसा रहेगा।
SGT university में फूलों की होली का अनोखा आयोजन
हर वर्ष की तरह इस बार भी sgt university ने होली को एक सांस्कृतिक और आध्यात्मिक रूप में मनाया। सुबह दस बजे दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद वेलकम डांस “ऋतु वसंत” ने माहौल को उल्लास से भर दिया।
पूरा परिसर राधा-कृष्णमय हो गया। जैसे ही उनके आगमन की घोषणा हुई, छात्र-छात्राएं दर्शन और फूलों की होली खेलने के लिए उमड़ पड़े।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
1. महाराष्ट्र की होली का रंग
मनोहारी लोकनृत्य के माध्यम से महाराष्ट्र की होली की भावना को जीवंत किया गया। भावपूर्ण अभिनय और रंगों की छटा ने दर्शकों का मन मोह लिया।
2. सूफियाना होली
सूफी नृत्य ने आध्यात्मिकता और होली के उत्सव का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया। दर्शक इसकी रहस्यात्मकता और ऊर्जा से मंत्रमुग्ध हो गए।
3. कॉमेडी एक्ट
थिएटर की कॉमेडी प्रस्तुति ने सभी को हंसा-हंसा कर लोटपोट कर दिया। छात्र और फैकल्टी दोनों ने भरपूर आनंद लिया।
4. बंगाली और शास्त्रीय रंग
“फागुन हवाई हवाई” पर आधारित बंगाली नृत्य ने ऋतु परिवर्तन की सुंदर अनुभूति कराई। वहीं “रंग रंग दे” प्रस्तुति ने रंगों की पवित्रता और प्रेम का संदेश दिया।
5. गुजराती गरबा – रांचोर रंगीला
ऊर्जावान गरबा में कान्हा को रणछोड़ रंगीला के रूप में प्रस्तुत किया गया। तालियों की गूंज से पूरा परिसर गूंज उठा।
महारास और भक्ति की भावधारा
“कान्हा तेरे संग बांधी है डोरी” प्रस्तुति में राधा-कृष्ण के शाश्वत प्रेम को भावुक अंदाज में दिखाया गया। इसके बाद “भक्ति की शक्ति (नरसिंह और प्रह्लाद)” ने आध्यात्मिक संदेश दिया।
कोक स्टूडियो शैली में “रंग दरूंगी नंद के लालन पे” पर आधारित फ्यूजन प्रस्तुति ने युवा वर्ग को खासा आकर्षित किया।
ब्रज की पारंपरिक होली का चित्रण
ब्रज क्षेत्र की पारंपरिक होली को दर्शाती भव्य नृत्य-नाटिका ने कार्यक्रम को चरम पर पहुंचा दिया। यह प्रस्तुति देवी राधा और भगवान श्रीकृष्ण को समर्पित थी।
इसके बाद फूलों की होली की शुरुआत हुई। प्रबंधन की ओर से पूजा-अर्चना के पश्चात राधा-कृष्ण के साथ सभी ने फूलों से होली खेली। घंटों तक चला यह उत्सव भक्ति और आनंद का अद्भुत संगम बन गया।
गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलाधिपति पद्मश्री व पद्मभूषण राम बहादुर राय, दशमेश चैरिटेबल ट्रस्ट के मैनेजिंग ट्रस्टी मनमोहन सिंह चावला, चेयरपर्सन श्रीमती मधु प्रीत कौर चावला, वाइस चांसलर (डॉ) हेमंत वर्मा, प्रो वाइस चांसलर प्रो (डॉ) अतुल नासा तथा अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।
SGT university: शिक्षा के साथ संस्कृति का संगम
sgt university केवल शिक्षा का केंद्र ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और परंपराओं को सहेजने का भी एक सशक्त मंच है। यहां आयोजित ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों में:
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सांस्कृतिक जागरूकता
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आध्यात्मिक जुड़ाव
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सामूहिक भागीदारी
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सकारात्मक ऊर्जा
को बढ़ावा देते हैं।
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