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Punjabi Sabha Hospital Fatehabad Closed : भ्रष्टाचार और आपसी विवादों में घिरा पंजाबी सभा चैरिटेबल अस्पताल बंद

Byadmin

Mar 13, 2026
Punjabi Sabha Hospital Fatehabad Closed

मुख्य द्वार पर नोटिस लगाकर सेवाएं बंद करने की घोषणा

फतेहाबाद: शहर के भट्टू रोड स्थित Shri Bhagwan Das Memorial Punjabi Sabha Charitable Hospital को आखिरकार बंद करना पड़ा है। लंबे समय से आपसी विवादों और भ्रष्टाचार के आरोपों में घिरे इस अस्पताल की सेवाएं पूरी तरह से रोक दी गई हैं।

अस्पताल के प्रशासक Sunder Lal Chawla ने मुख्य द्वार पर नोटिस लगाकर यह घोषणा की कि अब यहां किसी भी प्रकार की चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध नहीं होंगी। मरीजों को इलाज के लिए अन्य अस्पतालों का रुख करना होगा।

इस फैसले के बाद शहर में चर्चा का माहौल है, क्योंकि यह अस्पताल वर्षों से गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को कम खर्च में इलाज की सुविधा प्रदान करता रहा है।


डॉक्टरों और स्टाफ की कमी बनी बंद होने की वजह

प्रशासक सुंदर लाल चावला के अनुसार अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ की भारी कमी हो गई थी, जिसके कारण इसे सुचारू रूप से चलाना संभव नहीं रहा।

अस्पताल में कार्यरत दो डॉक्टरों—एक फिजीशियन और एक दंत चिकित्सक—ने पिछले महीने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद उनकी सैलरी का भुगतान कर उन्हें कार्यमुक्त कर दिया गया।

वर्तमान में अस्पताल परिसर में केवल एक अटेंडेंट ही तैनात है, जो गेट और बिजली जैसी व्यवस्थाओं की देखरेख कर रहा है।


गरीब और मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत था अस्पताल

यह अस्पताल लंबे समय से Fatehabad और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को बेहद कम दरों पर इलाज की सुविधा देता था।

गरीब और जरूरतमंद मरीजों के लिए यह अस्पताल एक बड़ी राहत माना जाता था। लेकिन पंजाबी सभा के सदस्यों के बीच लंबे समय से चल रहे विवादों के कारण अस्पताल का विकास रुक गया और इसकी व्यवस्थाएं लगातार प्रभावित होती रहीं।


कई वर्षों से चल रहा था विवाद

बताया जाता है कि यह विवाद कई वर्षों से चल रहा था और मामला अदालतों तथा प्रशासनिक दफ्तरों तक पहुंच चुका था।

इसके बावजूद Punjabi Sabha के सदस्य आपसी सहमति से कोई स्थायी समाधान नहीं निकाल पाए।

अस्पताल की स्थिति को सुधारने के लिए जिला प्रशासन की ओर से सुंदर लाल चावला को प्रशासक नियुक्त किया गया था, ताकि अस्पताल का संचालन सही तरीके से हो सके। हालांकि उनके कार्यकाल में भी हालात में कोई विशेष सुधार नहीं हो पाया और अस्पताल लगातार घाटे में चलता रहा।


आयकर विभाग का नोटिस भी बना बड़ा कारणPunjabi Sabha Hospital Fatehabad Closed

अस्पताल को लेकर Income Tax Department India की ओर से भी करोड़ों रुपये के बकाये को लेकर नोटिस जारी किया गया था।

इस नोटिस के बाद विवाद और अधिक गहरा गया और अस्पताल की व्यवस्था पूरी तरह से प्रभावित हो गई।


एडहॉक कमेटी बनाने की कोशिश भी रही असफल

अस्पताल को बचाने के लिए जिला रजिस्ट्रार की ओर से कई बार एडहॉक कमेटी बनाने का प्रयास किया गया, लेकिन सदस्यों के बीच सहमति नहीं बन पाई।

आखिरकार स्थिति को देखते हुए अस्पताल को बंद करने का निर्णय लेना पड़ा।


अस्पताल बंद होने से बढ़ी लोगों की चिंता

शहर के लोगों का कहना है कि यह अस्पताल फतेहाबाद की एक महत्वपूर्ण सामाजिक धरोहर था।

वर्षों से यहां गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों को सस्ती और सुलभ चिकित्सा सुविधा मिलती थी। इसके बंद होने से लोगों को अब निजी अस्पतालों की महंगी सेवाओं पर निर्भर होना पड़ेगा।

शहर के कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने प्रशासन से इस मामले में गंभीर पहल करने और अस्पताल को फिर से शुरू कराने की मांग की है।


फर्जी सदस्यता और दस्तावेजों का भी आरोप

बताया जाता है कि इससे पहले पंजाबी सभा के प्रोजेक्ट चेयरमैन Chandra Bhan Munjal पर आरोप लगा था कि उन्होंने फर्जी सदस्यों को बनाकर और प्रधान Om Prakash Sardana के कथित फर्जी हस्ताक्षर कर अस्पताल को अपने नाम करवाने का प्रयास किया।

इस आरोप के बाद विवाद और गहरा गया था।

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