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Narnaul : हाथी पर आया दूल्हा, सिर्फ एक रुपया लिया शगुन

हाथी पर सवार दूल्हा।हाथी पर सवार दूल्हा।

Narnaul :

  • अनोखी शादी, बहनों को बग्गी पर बैठाकर लाया
  • शुक्रवार रात हुई शादी की चर्चा पूरे शहर में गूंजी


Narnaul : नारनौल। शहर के मोहल्ला खड़खड़ी में शुक्रवार रात को हुई एक शादी की चर्चा जिलाभर में है। शादी में दूल्हा खुद हाथी पर सवार होकर दुल्हन के घर के लिए रवाना हुआ, तो अपनी बहनों को बग्गी में बैठाकर साथ लिया। शुक्रवार रात झुंझुनूं निवासी हरीश खन्ना बारात लेकर निरंजन लाल चौहान व शकुंतला चौहान की बेटी नेहा से शादी करने पहुंचे। इस अवसर पर पूरे राजसी शान शौकत से हाथी घोड़ों पर दुल्हन के घर रवाना हुए। हाथी पर निकली दूल्हे की सवारी आकर्षण का केंद्र रही और लोगों नें जमकर सेल्फियां ली। दूल्हे के पिता संजय कुमार खन्ना व मां शारदा खन्ना ने बताया कि इसके अतिरिक्त इस शादी की खास बात यह भी रही कि शादी के सभी नेग एक रुपये लेकर संपन्न किए गए। उल्लेखनीय है कि दूल्हा हरीश खन्ना ने विदेश में बेहतरीन पैकेज पर कार्यरत होते हुए भी केवल एक रुपये शगुन पर शादी की है। उन्होंने कहा कि अपनी खुशियों का भार लड़की के मां बाप पर डालना न तो नैतिक है और न हो व्यावहारिक। दुल्हन के ताऊ शिवचरण चौहान ने कहा कि सामर्थ लोग समाज को दहेज रहित शादी व बेटी बेटा की समानता का संदेश दें तो यह और प्रभावी हो जाता है। दो दिन पूर्व दुल्हन नेहा के परिजनों ने भी बेटी बेटा की समानता का संदेश देते हुए बग्गी पर बनवारा निकालकर समाज को सकारत्मक संदेश दिया था। इस मौके पर शिक्षक बंसीलाल जांगिड़, सामाजिक कार्यकर्ता नरोतम सोनी, प्रगतिशील शिक्षक ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय शर्मा, स्वर्णकार राज भागीदारी मंच की जिला अध्यक्ष रवीना सोनी, मुक्ता शर्मा, दुल्हन के ताऊ शिवचरण, चाचा अजित चौहान, कृष्ण कुमार चौहान, नितेश, निशांत सहित अन्य परिजन तथा दूल्हा पक्ष के भी अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।

सामाजिक परिवर्तन का आगाज हैं ऐसी शादियां

सामाजिक संस्था प्रगतिशील शिक्षक ट्रस्ट के अध्यक्ष संजय शर्मा का कहना है कि ऐसी सकारात्मकता से भरपूर शादियां सामाजिक बदलाव के प्रतीक हैं। लोग अब दहेज की बजाय रिश्तों को महत्व देने लगे हैं, जो समाज के लिए शुभ संकेत है। एक दहेज रहित और सकारात्मक शादी अनेक परिवारों में ऊर्जा भर देती है। हमारी पुरातन सामाजिक व्यवस्थाओं में दहेज और दिखावे का कोई उल्लेख नहीं मिलता। शादी हंसी खुशी से दो दिलों का ही नहीं, दो परिवारो का मिलन माना जाता है। बिना मोटी रकम दहेज लिए शादी करके चौहान व खन्ना परिवार ने पूरे समाज को उत्कृष्ट संदेश दिया है।

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