Illegal Opium Farming in Kusmi
वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप, पुलिस-राजस्व टीम ने शुरू की जब्ती कार्रवाई
अंबिकापुर/कुसमी: छत्तीसगढ़ के Kusmi क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध Opium Poppy की खेती का मामला सामने आया है। Tripuri Village के सरनाटोली इलाके में करीब तीन से चार एकड़ जमीन पर अफीम की फसल लहलहाती हुई मिली।
बताया जा रहा है कि फसल पूरी तरह तैयार होने के बाद डोडा को चीरा लगाकर सुखाया भी जा चुका था। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और खेतों में लगे डोडा की जब्ती की कार्रवाई शुरू कर दी।
बस्ती से दूर जंगल किनारे की जा रही थी खेती
प्राथमिक जानकारी के अनुसार सरनाटोली क्षेत्र में बस्ती से दूर जंगल के किनारे लंबे समय से अफीम की खेती की जा रही थी।
स्थानीय लोगों ने खेतों में उगाई गई फसल का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया।
सूचना मिलने के बाद Kusmi Police Station क्षेत्र के अधिकारी और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। कार्रवाई के दौरान खेत में बड़ी मात्रा में सूखा डोडा और खसखस से भरे अवशेष भी बरामद किए गए हैं।
रातभर खेत में पहरा, एनसीबी करेगी जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए Rajendra Katara और Vaibhav Banker भी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया।
अधिकारियों के अनुसार अफीम की खेती की पुष्टि हो चुकी है और खेतों से फसल जब्त की जा रही है। रात होने के कारण कार्रवाई पूरी नहीं हो सकी, इसलिए खेत में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
बुधवार को Narcotics Control Bureau (NCB) की टीम भी मौके पर पहुंचकर जांच में शामिल होगी।
दो किसानों के नाम पर दर्ज है जमीन
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जिस जमीन पर अफीम की खेती की जा रही थी, वह त्रिपुरी निवासी रूपदेव भगत और कौशल भगत के नाम पर दर्ज है।
हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि किसी झारखंड के व्यक्ति ने फूलों की खेती के नाम पर जमीन ली थी और उसी ने इस अवैध खेती को अंजाम दिया।
कुछ ग्रामीणों ने यह भी बताया कि उन्हें गांव में अफीम की खेती होने की जानकारी थी, लेकिन यह अवैध है इसकी जानकारी नहीं थी। दुर्ग में सामने आए इसी तरह के मामले के बाद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी उठे सवाल
इस मामले में स्थानीय पुलिस की कार्यशैली भी सवालों के घेरे में आ गई है।
गांव के सरपंच फेकुंदर नाग का कहना है कि उन्हें जनवरी में ही अफीम की खेती की जानकारी मिल गई थी। उन्होंने इसकी सूचना व्हाट्सएप के माध्यम से पुलिस को दी थी।
सरपंच के अनुसार पुलिस ने जानकारी तो मांगी, लेकिन उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों का दावा है कि अक्टूबर से ही क्षेत्र में अफीम की खेती चल रही थी, जिसमें बाहरी लोगों की भूमिका थी।
खेत में मिली ये चीजें
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तीन से चार एकड़ में अफीम की फसल
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डोडा को चीरा लगाकर सुखाया गया था
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बड़ी मात्रा में सूखा डोडा बरामद
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खसखस से भरे अवशेष मिले
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मौके पर पुलिस बल तैनात
अधिकारियों ने क्या कहा
राजेन्द्र कटारा, कलेक्टर:
सूचना मिलने के बाद मौके का निरीक्षण किया गया है। मामले की जांच चल रही है और एनसीबी को भी जांच में शामिल किया जाएगा।
वैभव बैंकर, एसपी:
अफीम की खेती की पुष्टि हुई है। पुलिस द्वारा जब्ती की कार्रवाई की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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