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Haryana News : सीईटी पर विस में हंगामा, दंगा पीड़ित 121 परिवारों को नौकरी देगी सरकार

Haryana News

  • मानसून सत्र का दूसरा दिन : जलभराव और फसल खराबे पर भी चर्चा
  •  सीईटी पर सीएम का जवाब, मैंने यू ट्यूब पर देखा सब ठीक था
  •  अब दो दिन में करेक्शन पोर्टल खोलेंगे, किसी को परेशानी नहीं
  •  एक भी बच्चे ने एग्जाम को लेकर दिक्कत होने की बात नहीं कही
  • स्पीकर कल्याण की फिर नसीहत, सदन की मर्यादा बनाकर रखें व सार्थक चर्चा करें
  •  अब पूर्व विधायकों को 10 हजार रुपये मेडिकल भत्ता मिलेगा
  •  सदन में हरियाणा विधानसभा सदस्य संशोधन विधेयक पास

Haryana News : चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा के मानसून सत्र के दूसरे दिन सोमवार को सदन में कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (सीईटी) को लेकर जमकर हंगामा हुआ। कांग्रेस ने पेपर में गड़बड़ी के आरोप लगाए। कांग्रेस विधायक शीशपाल केहरवाला ने गड़बड़ी और पेपर के लेवल पर सवाल उठाए। इसके जवाब में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि मैंने यूट्यूब पर वीडियोज देखी थीं, कहीं भी दिक्कत सामने नहीं आई। अब दो दिन में करेक्शन पोर्टल खोला जाएगा। सीएम ने कहा कि एक भी बच्चे ने एग्जाम को लेकर दिक्कत होने की बात नहीं कही। वहीं, सदन में हरियाणा विधानसभा सदस्य (वेतन, भत्ते एवं पेंशन सदस्य) संशोधन विधेयक, 2025 पारित कर दिया गया। इसके तहत पूर्व विधायकों को 10,000 रुपये का मेडिकल भत्ता दिया जाएगा। सदन में सीएम सैनी ने यह भी ऐलान किया कि 1984 के सिख विरोधी दंगों में जान गंवाने वाले 121 लोगों के परिवारों के सदस्यों को हरियाणा सरकार में उनकी सहमति से प्राथमिकता के आधार पर नौकरी दी जाएगी। उन्होंने बताया कि 1984 में हुए सिख विरोधी दंगों में प्रदेश में करीब 20 गुरुद्वारों, 221 मकानों, 154 दुकानों, 57 फैक्ट्रियों, 3 रेल डिब्बों और 85 वाहनों को जला दिया गया था। इन दंगों में 58 व्यक्ति घायल हुए और 121 लोगों की मृत्यु हुई थी। सदन में मुख्यमंत्री सैनी और पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्‌डा आमने-सामने हो गए। हुड्‌डा ने सीएम से कहा कि तुम ये पोर्टल-वोर्टल का खेल छोड़ दो।

पोर्टल को लेकर तीखी नोकझोंक

सदन में पोर्टल को लेकर विपक्ष की आलोचना करने पर सीएम सैनी और कांग्रेसी सदस्यों के बीच तीखी नोकझोंक हुई, इस दौरान मुख्यमंत्री सैनी ने चुटकी लेते हुए कहा कि लोगों ने इनकी दुकान ही बंद करने का काम कर दिया। इस पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हमने केवल काम के पोर्टल रखने व बिना वजह के बंद करने की बात कही थी। सोमवार को सदन में तीन विधेयक भी पेश किए, जिन्हें पारित भी कर दिया गया। इस दौरान माननीयों के वेतन भत्तों, पेंशन बढ़ाने संबंधी बिल भी लाया गया, जिसको थोड़ी सी चर्चा के बाद में सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। इस दौरान शहरी निकाय मंत्री विपुल गोयल और कांग्रेस विधायकों के बीच में तीखी नोकझोंक भी हुई। इस दौरान विपुल गोयल ने कहा कि हम दस साल पुरानी इंडस्ट्री को नियमित करने जा रहे हैं।

एक घंटे चला प्रश्नकाल

सोमवार को सदन में सबसे पहले एक घंटे तक प्रश्नकाल चलाया गया। प्रश्नकाल में स्वास्थ्य सेवाओं, परिवहन व्यवस्था, शिक्षा और जलभराव भारी बारिश सड़कों की हालत को लेकर सत्तापक्ष और कांग्रेस की ओर से सवाल किए गए। प्रश्नकाल के बाद एक घंटे तक शून्यकाल चला, इस दौरान अर्जुन चौटाला, रणधीर पनिहार, शीशपाल केहरवाला, आफताब अहमद, मामन खान और गीता भुक्कल अन्य ने भी समस्याओं को लेकर सवाल उठाए। जिन पर मंत्रियों कृष्ण पंवार, श्रुति चौधरी और सेहत मंत्री आरती राव ने जवाब दिए। इसके अलावा डा. अरविंद शर्मा, महिपाल ढांडा, श्याम सिंह राणा ने जवाब दिए।

यमुना की सफाई के मुद्दे पर सीएम का जवाब

यमुना की सफाई के मुद्दे पर सीएम ने विस्तार से जवाब दिया साथ ही कहा कि हम दिल्ली की सरकार के साथ में मिलकर काम कर रहे हैं। यमुना की सफाई के कामकाज को लेकर खुद देश के पीएम नरेंद्र मोदी ने संज्ञान लिया है। चार माह के अंदर यमुना की सफाई के संकल्प के कारण 6,000 मीट्रिक टन कचरा साफ भी कर दिया है। आने वाले वक्त में हरियाणा और दिल्ली सरकार इसकी सफाई को लेकर समयबद्ध तरीके से कामकाज में जुटी हुई हैं, हम अपने संकल्प को पूरा करेंगे।

सीईटी की परीक्षा को लेकर यह बोले सीएम

सीईटी पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री सैनी ने सभी रोडवेज कर्मियों और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के सभी सदस्यों का आभार जताया साथ ही कहा कि इसको एक उत्सव के तौर पर लिया गया। उन्होंने बताया कि 13 लाख से ज्यादा युवाओं ने पंजीकरण किया, जबकि 12 लाख से ज्यादा ने परीक्षा दी। 92 फीसदी से ज्यादा हाजिरी रही है। लगभग 20 हजार के करीब बच्चों ने अपने जाति प्रमाण पत्र को डाउनलोड किया और इन्हें अपलोड भी किया। आने वाले एक दो दिनों में करेक्शन (भूल सुधार) पोर्टल खोला जाएगा।

जलभराव के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल खोला

प्रदेश में जलभराव और फसल खराबे को लेकर के लिए क्षतिपूर्ति पोर्टल खुला हुआ है। पोर्टल के माध्यम से कोई भी किसान अपने फसल खराबे को लेकर जानकारी अपलोड कर सकता है। जिसके बाद में उसको संबंधित विभागीय अफसर वेरिफिकेशन करते हैं। सीएम ने बताया कि पिछले दिनों हमने 78 करोड़ से ज्यादा का मुआवजा दिया है।

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