Haryana News
- -‘सेल्फी विद डॉटर’ फाउंडेशन के सर्वेक्षण में हुआ बड़ा खुलासा
- -सुनील जागलान ने चलाया ‘गाली बंद’ घर अभियान
- -चाहे हंसी बात हो गया गुस्से मुंह से गालियां निकल ही जाती हैं।
- -20 प्रतिशत ऑनलाइन वीडियो गेम, सोशल मीडिया, ओटीटी प्लेटफार्म से जुड़े रहने युवा युवतियों ने अनजाने ही ज़ुबान पर गाली रखना सीखा
Haryana News : रोहतक। सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन के फाऊंडर एवं महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ऑफ़ प्रैक्टिस सुनील जागलान के द्वारा किए गए सर्वे के अनुसार उनके अंतरराष्ट्रीय अभियान गाली बंद घर के तहत किए गए एक सर्वेक्षण से उजागर हुआ है कि हरियाणा समेत कई राज्यों में मां-बहन बेटी की गालियां देना और सुनना लोगों की आदत बन चुका है। गाली देने में लड़के ही नहीं, बल्कि लड़कियां भी शामिल है सर्वे के मुताबिक देश की राजधानी दिल्ली में सबसे अधिक 80 फीसदी तो हरियाणा में 62 फीसदी लोग गाली देते या सुनते हैं। इनमें लड़कियां भी बड़ी मात्रा में शामिल हैं। चाहे हंसी बात हो गया गुस्से मुह से अचानक गालियां निकल ही जाती हैं। 20 प्रतिशत ऑनलाइन वीडियो गेम, सोशल मीडिया, ओटीटी प्लेटफार्म से जुड़े रहने युवा युवतियों ने अनजाने ही ज़ुबान पर गाली रखना सीखा है।
क्या कहता है सर्वे
राज्य गाली(%)
हरियाणा 62%
दिल्ली 80%
पंजाब 78%
उतर प्रदेश 74%
राजस्थान 68%
बिहार 74%
गुजरात 55%
मध्य प्रदेश 48%
उत्तराखंड 45%
महाराष्ट्र 58%
कश्मीर 15%
ओडिशा 15%
तेलंगाना 15%
यह भी जानिये
-सेवन सिस्टर स्टेट के नाम से मशहूर नार्थ ईस्ट के राज्यों में भी गाली का प्रतिशत अन्य राज्यों से 30 प्रतिशत कम है।
-मां-बहन की गाली पूरे देश में तथा बेटी की गाली हरियाणा व राजस्थान में सबसे ज्यादा
-30% लड़की व महिलाएं भी देती व सुनती हैं मां-बहन-बेटी की गालियां।
70,000 से अधिक लोगों पर सर्वे
सेल्फी विद डॉटर फाउंडेशन ने 11 साल के बेसलाईन सर्वे में 70,000 से ज्यादा लोग जिनमें युवा युवतियों के अलावा माता पिता पिता, परिवारजन ,पंचायतें, स्कूल शिक्षक, ब्यूरोक्रेट, प्रोफेसर, डॉक्टर, पुलिस कर्मी, वकील अनेक छोटे बड़े व्यवसाय चलाने वाले लोग, ऑटो चालक, कुली, सफाईकर्मी, स्कूल कॉलेज विश्वविद्यालयों के युवा युवतियां इत्यादि पर यह सर्वे किया गया है।
पढ़े लिखे भी देते हैं गाली
पढ़े लिखे लोग और स्कूल कॉलेज के छात्र-छात्राएं भी गाली देने में अव्वल हैं। जिन स्कूल, कॉलेज सिर्फ विश्वविद्यालयों में लड़कियाँ पढ़ती हैं, वहाँ की लड़कियॉं भी मॉं बहन की गाली देती हैं। हरियाणा के अलावा पंजाब, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, उतर प्रदेश, उत्तराखंड, असम, हिमाचल प्रदेश, गोवा, कश्मीर पश्चिम बंगाल, सेवन सिस्टर स्टेट इत्यादि प्रदेश भी सम्मिलित किए गए।
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सुनील जागलान
दो बार राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता सुनील जागलान अभी महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय रोहतक में प्रोफेसर ऑफ़ प्रैक्टिस के पद पर कार्यरत हैं तथा हरियाणा राज्य के जींद ज़िले के बीबीपुर गांव के सरपंच रह चुके हैं जिन्होंने वर्ष 2012 में बेटी बचाओ अभियान शुरू हुआ एवं उनके द्वारा शुरू किए गए सेल्फ़ी विद् डॉटर अभियान की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने 10 बार मन की बात व अमेरिका व इंग्लैंड के कार्यक्रमों में सराहना की । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी द्वारा 100 वें ऐतिहासिक मन की बात के एपिसोड में इनसे बातचीत कर अभियान के लिए बधाई भी दी थी ।