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Climate Change Heatwave India : जलवायु परिवर्तन का असर: मार्च में ही झुलसाने लगी गर्मी

Byadmin

Mar 15, 2026
Climate Change Heatwave India

Climate Change Heatwave India

देश के कई हिस्सों में असमय लू और हीटवेव का खतरा

नई दिल्ली: इस वर्ष मार्च की शुरुआत के साथ ही देश के कई हिस्सों में गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। Delhi, Uttar Pradesh, Odisha, Madhya Pradesh, Rajasthan और Andhra Pradesh समेत कई राज्यों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है।

कई शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है, जिससे लोगों को लू और हीटवेव जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि वर्ष 2026, 1850 के बाद के सबसे गर्म वर्षों में शामिल हो सकता है।


फरवरी से ही दिखने लगा गर्मी का असर

इस वर्ष फरवरी के महीने में ही कई क्षेत्रों में असामान्य गर्मी दर्ज की गई थी। मार्च में आते-आते तापमान और तेजी से बढ़ने लगा है।

India Meteorological Department (IMD) के अनुसार मार्च से मई के बीच देश के कई हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना जताई गई थी, जो अब काफी हद तक सही साबित होती दिखाई दे रही है।

गर्मी के कारण लोगों में कई प्रकार की स्वास्थ्य समस्याएं भी बढ़ रही हैं, जैसे:

  •                                                                          शरीर में ऐंठन

  • चक्कर आनाClimate Change Heatwave India

  • अत्यधिक पसीना

  • थकान

  • उल्टी और सिरदर्द

  • हीट स्ट्रोक


जलवायु परिवर्तन बना बड़ा कारण

विशेषज्ञों के अनुसार पिछले तीन से चार दशकों में मौसम के स्वरूप में तेजी से बदलाव आया है।

Climate Change के कारण न केवल तापमान बढ़ रहा है बल्कि मौसम का स्वभाव भी अधिक अनिश्चित होता जा रहा है।

इसका असर केवल मनुष्यों पर ही नहीं बल्कि:

  • वनस्पतियों

  • जीव-जंतुओं

  • और कृषि उत्पादन

पर भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। फसलों में नई बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है और पारंपरिक कृषि चक्र भी प्रभावित हो रहा है।


बदलती जीवनशैली भी बढ़ा रही परेशानी

विशेषज्ञों के अनुसार आधुनिक जीवनशैली भी मौसम की मार को बढ़ा रही है।

महानगरों में लोग एसी और कूलर जैसी सुविधाओं के आदी होते जा रहे हैं, जिससे प्राकृतिक मौसम के प्रति सहनशीलता कम होती जा रही है।

दूसरी ओर समाज का एक बड़ा वर्ग ऐसा भी है जिसके पास इन सुविधाओं की पहुंच नहीं है। ऐसे लोग तेज गर्मी, ठंड या बारिश के दौरान सबसे अधिक कठिनाइयों का सामना करते हैं।


मौसम से लड़ाई नहीं, तालमेल जरूरी

वैज्ञानिकों का मानना है कि प्रकृति के बदलावों को पूरी तरह रोकना संभव नहीं है। इसलिए जरूरी है कि मनुष्य अपनी जीवनशैली और व्यवहार को बदलते मौसम के अनुरूप ढाले।

यदि लोग अपनी दिनचर्या, खानपान और जीवनशैली में संतुलन बनाए रखें तो मौसम से होने वाली परेशानियों को काफी हद तक कम किया जा सकता है।


हीटवेव के दौरान रखें ये सावधानियां

  • दिन के सबसे गर्म समय में बाहर निकलने से बचें

  • पर्याप्त मात्रा में पानी और तरल पदार्थ लें

  • हल्के और सूती कपड़े पहनें

  • बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें

  • धूप में काम करने वालों को नियमित अंतराल पर आराम जरूरी


जलवायु परिवर्तन के प्रमुख कारण

  • ग्रीनहाउस गैसों का बढ़ता उत्सर्जन

  • तेजी से बढ़ता शहरीकरण

  • वनों की कटाई

  • औद्योगिक प्रदूषण

  • प्राकृतिक संसाधनों का अत्यधिक दोहन

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