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Chief Minister पिछले 11 वर्षों में देश ने देखा सकारात्मक परिवर्तन : मुख्यमंत्री

Chief Minister

  • जनता ने महसूस किया कि यह सरकार मेरी है, यही सच्चा सुशासन
  • हरियाणा को शिक्षा और गवर्नेस के क्षेत्र में राष्ट्रीय मॉडल राज्य बनाने की दिशा में अहम कदम
  • ‘ज्ञान सेतु’ के अंतर्गत स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट और विभिन्न विश्वविद्यालयों के बीच हुआ एमओयू
  • बजट में पहली बार शोध (रिसर्च) के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान

चंडीगढ़। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि पिछले 11 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनकल्याण हेतु किए गए कार्यों और नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन से देशवासियों को आज एक बड़ा सकारात्मक परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की मूल जिम्मेदारी जनता के हित में कार्य करना होती है और आज देश व प्रदेश के नागरिक यह अनुभव कर रहे हैं कि यह सरकार वास्तव में उनकी अपनी सरकार है—यही सुशासन का सच्चा स्वरूप है। उन्होंने कहा कि एक समय था जब लोग यह मानते थे कि केवल पाँच वर्ष पूरे करने होते हैं और फिर सरकार बदल ही जाती है, लेकिन आज स्थिति बदल चुकी है। अब जनता बदलाव नहीं, बल्कि धरातल पर दिखाई देने वाला ठोस और परिणाममुखी कार्य चाहती है। मुख्यमंत्री वीरवार को पंचकूला में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति के प्रावधानों और सतत मूल्यांकन के लिए ‘नेशनल एजुकेशन इवैल्यूएशन एंड वेलिडेशन (नीव) पोर्टल’का शुभारंभ किया। साथ ही, मुख्यमंत्री की उपस्थिति में ‘ज्ञान सेतु’ पहल के अंतर्गत स्वर्ण जयंती हरियाणा इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट और विभिन्न विश्वविद्यालयों के बीच एमओयू पर हस्तासक्षर किए गए।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति डिग्री के साथ कौशल

नायब सिंह सैनी ने कहा कि आज का दिन हरियाणा के शैक्षणिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर सिद्ध होगा, क्योंकि आज हरियाणा के शिक्षा परिदृश्य को एक नई दिशा मिली है, जो प्रदेश के भविष्य को सशक्त आधार प्रदान करेगी। आज हुए सभी एमओयू का उद्देश्य दूरदर्शी सोच पर आधारित है, ताकि हरियाणा अपनी जड़ों से जुड़ते हुए मजबूती के साथ आगे बढ़ सके। इसी क्रम में 24 दिसंबर को केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह द्वारा विज़न डॉक्यूमेंट–2047 का शुभारंभ किया गया था। यह संकल्प प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक विकसित भारत के विजन के अंतर्गत है।

दूरदर्शी सोच का परिणाम

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति प्रधानमंत्री की दूरदर्शी सोच का परिणाम है, जिसका उद्देश्य ऐसी शिक्षा व्यवस्था विकसित करना है जो केवल काग़ज़ी डिग्रियों तक सीमित न रहे। इस नीति के तहत शिक्षा को कौशल-आधारित बनाया गया है, ताकि युवा शिक्षित होने के साथ-साथ उसके पास ऐसे व्यावहारिक हुनर हों जो उसे आत्मनिर्भर बनाएं और सम्मानजनक आजीविका अर्जित करने में सक्षम करें। इसी सोच के अनुरूप हरियाणा को देश का ग्रोथ इंजन बनाने की बड़ी जिम्मेदारी हम सभी की है और आज हुए एमओयू का लाभ आने वाले समय में प्रदेश की जनता, विशेषकर युवाओं और विद्यार्थियों को मिलेगा।

बजट में पहली बार शोध (रिसर्च) के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान

मुख्यमंत्री ने कहा कि बजट में पहली बार शोध (रिसर्च) के लिए 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक कदम है। बजट तैयार करते समय हमारी यह स्पष्ट सोच थी कि विश्वविद्यालय शोध के क्षेत्र में आगे आएँ और विद्यार्थी जमीनी समस्याओं के समाधान से जुड़ें। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि आज हम देख रहे हैं कि जलभराव (वॉटरलॉगिंग) एक गंभीर समस्या बन चुकी है, इसलिए एक विश्वविद्यालय इस विषय पर गहन शोध कर स्थायी समाधान सुझाए।

मोदी सरकार की जनकल्याणकारी पहलों से बदली देश-प्रदेश की तस्वीर

श्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि वर्ष 2014 से पहले जिन मुद्दों पर कभी गंभीरता से विचार नहीं हुआ, उन्हें प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने ठोस सोच के साथ अमल में लाकर जनकल्याण का माध्यम बनाया। मोदी सरकार की जनकल्याणकारी पहलों से देश-प्रदेश की तस्वीर बदली है। आयुष्मान भारत–चिरायु योजना से करोड़ों लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा मिली, हर घर नल से जल योजना ने ग्रामीण महिलाओं की कठिनाइयाँ कम कीं, ‘म्हारा गांव-जगमग गांव’ पहल से हरियाणा में अधिकांश गांवों में 24 घंटे बिजली पहुंची और उज्ज्वला योजना से गरीब परिवारों को गैस कनेक्शन मिले। इन पहलों ने बुनियादी समस्याओं का समाधान कर लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाया है।

एआई प्री-बजट फीडबैक पोर्टल लॉन्च

मुख्यमंत्री ने कहा कि गत दो दिन पहले ही एआई प्री-बजट फीडबैक पोर्टल लॉन्च किया गया है। इस पर नागरिक और विभिन्न हितधारक अपने सुझाव दे सकते हैं। विद्यार्थियों भी अच्छे और उपयोगी सुझाव दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह बजट सरकार का नहीं, बल्कि जनता का बजट है, जिसमें लोगों की भागीदारी जरूरी है। अधिक से अधिक सुझाव आएँगे तो प्रदेश के विकास के लिए बेहतर और प्रभावी निर्णय लिए जा सकेंगे।

आधुनिक हॉर्टिकल्चर की ओर कर रही प्रोत्साहित

नायब सिंह सैनी ने कहा कि किसान की स्वाभाविक अपेक्षा होती है कि उसकी पैदावार बढ़े और आय में वृद्धि हो, लेकिन अत्यधिक रासायनिक खाद का उपयोग करने या बार-बार एक ही फसल पर निर्भर रहने से सीधा नुकसान मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने किसानों को फसल विविधीकरण की ओर ले जाने, विशेषकर हॉर्टिकल्चर की तरफ प्रोत्साहित करने के लिए नीतियाँ बनाई हैं। एक्सीलेंस सेंटर स्थापित करने की घोषणाएँ इसी दिशा में की गईं हैं, ताकि किसान प्राकृतिक खेती अपनाएँ, रसायनों का कम उपयोग करें और इसके लिए उन्हें प्रोत्साहन भी मिले। साथ ही, निर्यात की अपार संभावनाओं को देखते हुए इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जा रहा है। गन्नौर में बन रही अत्याधुनिक हॉर्टिकल्चर मंडी इसका बड़ा उदाहरण है, जिससे किसानों को बेहतर बाजार, बेहतर दाम और अधिक आय मिलेगी। आज समय की जरूरत पारंपरिक फसलों की बजाय नई फसलों, नई तकनीकों और मूल्यवर्धन की दिशा में बढ़ने की है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रदेश सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के बल पर किसान इस बदलाव को आत्मसात करेंगे और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम हरियाणा के लोगों को स्पष्ट रूप से दिखाई देंगे।

विशेष पोर्टल विकसित करने का आह्वान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के बीच महत्वपूर्ण विषयों पर विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने कुलपतियों से आह्वान किया कि वे अपने-अपने विश्वविद्यालयों में उद्योगों की मांग के अनुरूप युवाओं को कौशल आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध करवाएं। इससे न केवल उद्योगों को आवश्यकतानुसार प्रशिक्षित कार्यशक्ति मिलेगी, बल्कि युवाओं को रोजगार के बेहतर अवसर भी प्राप्त होंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिशा में एक समर्पित पोर्टल विकसित किया जाना चाहिए, जहां औद्योगिक इकाइयां अपनी योग्यता और कौशल के अनुरूप आवश्यकताओं को पोर्टल पर अपलोड कर सकें।

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