फिर भी 67% लोग नहीं छोड़ रहे आदत, रिसर्च में मिला—विनम्र भाषा से बेहतर जवाब देता है AI
नई दिल्ली: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बातचीत करते समय “प्लीज” और “थैंक यू” जैसे शिष्टाचार शब्द बोलना भले ही सामान्य आदत लगे, लेकिन इससे टेक कंपनियों पर करोड़ों रुपये का अतिरिक्त खर्च पड़ रहा है।
Sam Altman, जो OpenAI के सीईओ हैं, के अनुसार उपयोगकर्ताओं द्वारा ChatGPT से विनम्र भाषा में बातचीत करने के कारण हर साल दसियों मिलियन डॉलर का अतिरिक्त कंप्यूटिंग खर्च होता है।
इसके बावजूद लोग अपनी आदत बदलने को तैयार नहीं हैं। एक सर्वे के मुताबिक करीब 67 प्रतिशत अमेरिकी उपयोगकर्ता आज भी AI से बात करते समय “प्लीज” और “थैंक यू” का इस्तेमाल करते हैं।
रोजाना एक अरब से ज्यादा सवाल
AI प्लेटफॉर्म पर रोजाना एक अरब से अधिक प्रश्न पूछे जाते हैं। हर प्रश्न को प्रोसेस करने के लिए बड़े सर्वर, डेटा सेंटर और बिजली की आवश्यकता होती है।
अनुमान के अनुसार GPT‑4 आधारित एक क्वेरी में लगभग 2.9 वॉट-आवर बिजली खर्च होती है, जो एक सामान्य इंटरनेट सर्च से कई गुना अधिक है। ऐसे में हर अतिरिक्त शब्द भी कुल कंप्यूटिंग लागत को थोड़ा बढ़ा देता है।
रिसर्च: विनम्र सवालों पर बेहतर जवाब देता है AI
2024 में Waseda University के शोधकर्ताओं ने AI से बातचीत के तरीके पर अध्ययन किया। अंग्रेज़ी, चीनी और जापानी भाषाओं में किए गए इस अध्ययन में पाया गया कि:
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रुखे या आदेशात्मक सवालों पर AI के जवाबों में ज्यादा त्रुटियां
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अधिक पक्षपात (Bias)
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और अधिक अस्वीकार (Refusal) देखने को मिले।
वहीं संतुलित और विनम्र भाषा में पूछे गए प्रश्नों पर AI ने अपेक्षाकृत बेहतर और अधिक सटीक उत्तर दिए।
AI को ‘स्मार्ट इंटर्न’ की तरह समझें
AI विशेषज्ञ Murray Shanahan, जो Google DeepMind से जुड़े हैं, इसे आसान उदाहरण से समझाते हैं।
उनके अनुसार AI को एक “स्मार्ट इंटर्न” की तरह समझा जा सकता है। यदि उससे सहयोगी और सम्मानजनक तरीके से बात की जाए तो वह बेहतर काम करता है, जबकि आदेशात्मक भाषा में केवल न्यूनतम जवाब देता है।
कंपनियों के लिए खर्च बहुत बड़ा नहीं
विशेषज्ञों का मानना है कि शिष्टाचार वाले अतिरिक्त शब्दों से बढ़ने वाला खर्च तकनीकी कंपनियों के कुल बजट के मुकाबले बहुत छोटा है।
हाल ही में OpenAI ने लगभग 40 अरब डॉलर का निवेश जुटाया और कंपनी का मूल्यांकन करीब 300 अरब डॉलर बताया गया। ऐसे में “प्लीज-थैंक यू” से बढ़ने वाला खर्च कंपनी के लिए बड़ा आर्थिक बोझ नहीं माना जाता।
आदत और संस्कार का भी सवाल
सर्वे में करीब 55 प्रतिशत उपयोगकर्ताओं ने कहा कि वे AI से विनम्र भाषा में इसलिए बात करते हैं क्योंकि यह सही सामाजिक व्यवहार है।
विशेषज्ञों के अनुसार लोग मशीन के लिए नहीं, बल्कि अपनी सामाजिक आदत और संस्कार बनाए रखने के लिए ऐसा करते हैं।
टेक विशेषज्ञों का मानना है कि अगर लोग हर बातचीत को केवल लेन-देन की तरह देखने लगें, तो इसका असर धीरे-धीरे वास्तविक जीवन के संवाद पर भी पड़ सकता है। इसलिए कई लोग मानते हैं कि AI के साथ भी शिष्टाचार बनाए रखना बेहतर सामाजिक आदत को मजबूत करता है।
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