Rohtak
- ॐ नमः शिवाय के जयकारों से गूंज उठा संकट मोचन मंदिर
- साध्वी मानेश्वरी देवी ने शिवपुराण कथा, कीर्तन व मधुर वाणी से शिव के भजनों का गुणगान किया
- शिवा भक्तों ने महामंत्र का जाप किया और विधि-विधानुसार शिवलिंग की पूजा अर्चना की
Rohtak news : रोहतक। माता दरवाजा स्थित संकट मोचन मंदिर में ब्रह्मलीन गुरुमां साध्वी गायत्री जी के सानिध्य में सावन माह के पहले सोमवार को गद्दीनशीन साध्वी मानेश्वरी देवी ने भक्तों संग ओउम नम: शिवाय के जयकारों के साथ शिवलिंग पर श्रद्धा और उत्साह से जलाभिषेक और रुद्राभिषेक किया। कार्यक्रम में सायं 4 बजे साध्वी ने शिवपुराण कथा, कीर्तन व मधुर वाणी से भगवान शिव केभजनों का गुणगान किया। तत्पश्चात पंडित अशोक शर्मा द्वारा आरती और प्रसाद वितरित हुआ। यह जानकारी सचिव गुलशन भाटिया ने दी। इस पावन अवसर पर शिवा भक्तों ने महामंत्र का जाप किया और विधि-विधानुसार शिवलिंग की पूजा अर्चना करके सुख-समृद्धि की कामनाएं की। शिवालय पर बम-बम भोले और हर-हर महादेव के स्वरों से गूंज उठा और शिव भक्त नाचने झूमने पर विवश हुए।
भक्तों की भक्तों की भीड़ नजर आई
सुबह से ही शिव भक्तों की भक्तों की भीड़ नजर आई। शिवभक्तों ने शिवलिंग पर कच्चा दूध, धतुरा, भांग, दही, बादाम, गंगाजल, तुतली व बेल के पत्तों, फल-फ्रूट, फल चढ़ाकर पूजा की।
शिवलिंग पर मात्र एक लोटा जल चढ़ाने से प्रसन्न होते हैं देवों के देव भोलेनाथ : साध्वी मानेश्वरी देवी
शिवपुराण कथा में साध्वी मानेश्वरी देवी ने बताया कि भगवान भोलेनाथ इतने दयालु व कृपालु है कि शिवलिंग पर मात्र एक पानी का लोटा जल चढ़ाने से प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों के संकट हर लेते हैं साथ ही कल्याण करते हैं । साध्वी ने कहा कि धार्मिक और पौराणिक मान्यताओं के अनुसार अमृत मंथन के समय निकले विष को पीने के बाद भगवान शिव पर जब विष का प्रभाव शुरू हुआ तब इसे कम करने के लिए सभी देवी-देवताओं ने जल से भोलेनाथ का अभिषेक किया। तभी से भगवान शिव को जल अर्पित किया जाने लगा।