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साइट-स्पेसिफिक ग्रीन बेल्ट: प्रदूषण कम करने और शहर की हवा साफ करने का वैज्ञानिक मॉडल

साइट-स्पेसिफिक ग्रीन बेल्ट

साइट-स्पेसिफिक ग्रीन बेल्ट

रोहतक में बढ़ता हुआ शहरी प्रदूषण (Urban Pollution) अब केवल एक मौसमी समस्या नहीं रहा, बल्कि यह एक गंभीर एयर पॉल्यूशन (Air Pollution) संकट बन चुका है। लगातार बढ़ते ट्रैफिक, औद्योगिक गतिविधियों और निर्माण कार्यों के कारण शहर की हवा तेजी से खराब हो रही है। ऐसे में सवाल यह है कि शहर की हवा कैसे साफ करें और क्या केवल पौधारोपण से प्रदूषण कम किया जा सकता है?

विशेषज्ञों के अनुसार अब समय आ गया है कि रैंडम पौधारोपण की जगह साइट-स्पेसिफिक ग्रीन बेल्ट (Site Specific Green Belt) मॉडल अपनाया जाए, जिससे शहरी वायु प्रदूषण कैसे कम करें इसका वैज्ञानिक समाधान मिल सके।

 ग्रीन बेल्ट क्या है और यह क्यों जरूरी है?

ग्रीन बेल्ट क्या है (What is Green Belt) यह समझना जरूरी है। ग्रीन बेल्ट एक ऐसा नियोजित हरित क्षेत्र होता है जो विशेष रूप से प्रदूषण रोकने वाले पेड़ (Pollution Control Trees) और झाड़ियों से बनाया जाता है।

रोहतक में हुए अध्ययन से पता चला कि पौधारोपण से प्रदूषण कम कैसे करें इसका सही जवाब तभी मिलेगा जब हर क्षेत्र के अनुसार पेड़ लगाए जाएं।

 वैज्ञानिक अध्ययन: APTI और API इंडेक्स क्या है?

महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के शोध में वैज्ञानिक मानकों का उपयोग किया गया।

  • APTI (Air Pollution Tolerance Index) → यह बताता है कि कौन सा पेड़ प्रदूषण सहन कर सकता है
  • API (Anticipated Performance Index) → यह पेड़ की प्रदर्शन क्षमता और पर्यावरणीय उपयोगिता को मापता है

इस अध्ययन से यह स्पष्ट हुआ कि एयर पॉल्यूशन कंट्रोल ट्री प्लांट्स का चयन वैज्ञानिक आधार पर होना चाहिए, न कि सामान्य अनुमान पर।

 रोहतक में प्रदूषण समस्या और प्रदूषण मैपिंग मॉडल

अध्ययन में प्रदूषण मैपिंग मॉडल (Pollution Mapping Model) का उपयोग किया गया और शहर को पांच ज़ोन में बांटा गया:

  • ट्रैफिक ज़ोन (जींद चौक)
  • औद्योगिक क्षेत्र (HSIIDC)
  • व्यावसायिक क्षेत्र (जिला न्यायालय)
  • आवासीय क्षेत्र (सेक्टर-2)
  • कंट्रोल साइट

यह मॉडल बताता है कि इंडस्ट्रियल एरिया प्रदूषण समाधान और ट्रैफिक पॉल्यूशन कंट्रोल प्लान अलग-अलग होने चाहिए।

 कौन से पेड़ प्रदूषण रोकते हैं?

शोध में पाया गया कि कुछ पेड़ पर्यावरण के लिए सही पेड़ कौन से हैं इस सवाल का सबसे अच्छा जवाब देते हैं:

  • नीम
  • पीपल
  • जामुन
  • बरगद
  • अर्जुन

ये सभी प्रदूषण रोकने वाले पेड़ हैं जो शहरी वायु प्रदूषण कैसे कम करें में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

 गलत टाउन प्लानिंग क्यों फेल हो रही है?

आज की सबसे बड़ी समस्या यह है कि शहर में प्रदूषण कम करने के वैज्ञानिक तरीके नहीं अपनाए जा रहे।

  • गलत जगह बड़े पेड़ लगाना
  • बिजली लाइनों और पाइपलाइन को नुकसान
  • ट्री-मेंटेनेंस का अभाव
  • शहरी विकास (Urban Planning) में समन्वय की कमी

इसी वजह से हरित क्षेत्र योजना भारत में कई प्रोजेक्ट असफल हो रहे हैं।

साइट-स्पेसिफिक ग्रीन बेल्ट

 साइट-स्पेसिफिक ग्रीन बेल्ट मॉडल

अब समाधान है Site Specific Green Belt Model, जिसमें हर क्षेत्र के अनुसार पेड़ लगाए जाएंगे:

🏭 Industrial Area (HSIIDC)

नीम, पीपल, बरगद, जामुन, अर्जुन + झाड़ियां (करौंदा, बोगनवेलिया)

 Traffic Zone (Jind Chowk)

धूल रोकने वाली झाड़ियां + नीम और जामुन

 Commercial Area (District Court)

नीम, जामुन, अमरूद + हेज प्लांट्स

 Residential Area (Sector-2)

अमरूद, जामुन, नीम, अशोक, कचनार
(पीपल और बरगद केवल पार्कों में)

 घर और कॉलोनी के लिए पौधारोपण सुझाव

पौधारोपण से प्रदूषण कम कैसे करें इसका असर घर से भी शुरू होता है:

  • तुलसी
  • एलोवेरा
  • स्नेक प्लांट
  • मनी प्लांट
  • अरीका पाम
  • लेमन ग्रास

ये सभी indoor plants शहर की हवा कैसे साफ करें में मदद करते हैं।

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